नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। लोटस ग्रीन बिल्डर के मालिक निर्मल सिंह के खिलाफ अदालत के आदेश पर गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है। यह वारंट शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा पुलिस ने जारी कराया।
पुलिस के अनुसार, निर्मल सिंह फरार चल रहे हैं, जिसके चलते उनके खिलाफ सख्त कदम उठाया गया है। अब कोर्ट की अनुमति से उनके घर और कार्यालय की कुर्की की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। इससे पहले नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने उनका दफ्तर सील कर दिया था।
इस प्रकरण में अब तक तीन बिल्डरों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें एमजेड विज टाउन के मालिक अभय सिंह और लोटस ग्रीन के दो डायरेक्टर शामिल हैं। दूसरे मुकदमे में पांच लोगों को नामजद किया गया है और बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
गौरतलब है कि 16 जनवरी को घने कोहरे के बीच 27 वर्षीय युवराज मेहता की कार सेक्टर-150 में एक निर्माणाधीन प्लॉट के करीब 20 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी। वह गुरुग्राम से नोएडा लौट रहे थे। एनडीआरएफ की टीम ने उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
परिजनों ने बिल्डरों पर लापरवाही का आरोप लगाया था, उनका कहना है कि खतरनाक गड्ढे के पास उचित बेरिकेडिंग नहीं की गई थी, जबकि इसकी मांग पहले भी की गई थी। युवराज के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर एमजेड विज टाउन और लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
सीएम योगी के निर्देश पर इस मामले में एसआईटी का गठन किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जांच में जुटे हैं और घटनास्थल पर हादसे का रीक्रिएशन भी कराया गया है। पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।