सड़क खामी से सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद नोएडा में सांसद डॉ. महेश शर्मा ने सड़क सुरक्षा पर सख्त बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को आरडब्ल्यूए/एओए के माध्यम से सात दिन में खतरनाक स्पॉट चिह्नित कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। ब्लैक स्पॉट, उचित साइनेज, लाइटिंग और सीसीटीवी कैमरों में समयबद्ध सुधार पर जोर दिया गया। प्रगति की समीक्षा के लिए 15 दिन बाद अगली बैठक होगी।
सड़क की खामी के चलते युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद सरकारी अमले की नींद टूटी है। संसद सदस्य सड़क सुरक्षा की बैठक में उच्च प्रशासनिक और प्राधिकरण अधिकारी पहली बार नजर आए। यह बैठक जिलाधिकारी के सेक्टर-27 स्थित कैंप कार्यालय में हुई। सड़क सुरक्षा पर सांसद डॉ. महेश शर्मा ने सख्ती दिखाई।
आरडब्ल्यूए और एओए के माध्यम से संपर्क कर खतरनाक सड़क और स्पॉट की रिपोर्ट सात दिन के अंदर प्रशासनिक और प्राधिकरण अधिकारियों से मांगी है। समिति की ओर से ब्लैक स्पॉट, बिना स्ट्रीट लाइट की सड़कें, खतरनाक मोड समेत सड़कों पर चिह्नित की गईं अन्य कमियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
15 दिन बाद फिर होगी बैठक
सांसद ने इन कमियों में सुधार कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। 15 दिन बाद फिर बैठक होगी। इन कार्यों में सुधार कार्य करने की समयसीमा तय की जाएगी। यातायात पुलिस, परिवहन विभाग और प्राधिकरण कर्मी संबंधित एओए और आरडब्ल्यूए से संपर्क करेगा
नए ब्लैक स्पॉट सुधार कार्यों में तेजी व 152 पूर्व में नवंबर में चिह्नित हाई रिस्क हाटस्पॉट्स पर की गई कार्रवाई की समीक्षा कर सांसद ने रिपोर्ट मांगी। 10 दिन में इसका अनुपालन मांगा गया। यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों को 35 नए चिह्नित ब्लैक स्पॉट सुधार कार्यों में तेजी लाने के लिए निर्देशित किया।
स्पीड ब्रेकर का वैज्ञानिक ढंग से निर्माण, स्पष्ट एवं रिफ्लेक्टिव चेतावनी संकेतक, दिशा सूचक बोर्ड, प्रभावी ट्रैफिक सिग्नल, रोड मार्किंग, पर्याप्त स्ट्रीट लाइटिंग तथा सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए निर्देशित किया। ब्लैक स्पॉट में सुधार कार्य के बाद भौतिक सत्यापन कराने के लिए भी निर्देशित किया है। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी समेत जिला प्रशासन व तीनों प्राधिकरण के अधिकारी रहे।