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नई दिल्ली: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), वंचित समूह (DG) और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) के अधिकारों की रक्षा के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। निजी स्कूलों द्वारा मुफ्त किताबों, यूनिफॉर्म से इनकार करने और दाखिले में मनमानी की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए एक समर्पित ग्रीवेंस सेल (शिकायत प्रकोष्ठ) का गठन किया गया है।प्रमुख बिंदु: अब स्कूलों की मनमानी पर लगेगी लगाम
- मुफ्त सामग्री का अधिकार: शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 के तहत स्कूलों को इन श्रेणियों के छात्रों को मुफ्त यूनिफॉर्म, किताबें और लेखन सामग्री देना अनिवार्य है।
- अवैध वसूली पर रोक: सरकार को शिकायतें मिली थीं कि कुछ स्कूल इन सामानों के लिए पैसे मांग रहे हैं या छात्रों को सुविधाएं देने से मना कर रहे हैं।
- आय प्रमाण पत्र का झंझट खत्म: स्कूलों को केवल शुरुआती दाखिले के समय ही आय प्रमाण पत्र मांगना होगा। हर साल नया प्रमाण पत्र जमा करने का दबाव बनाना नियमों के खिलाफ है। छात्र केवल ‘स्व-घोषणा’ (Self-declaration) देकर पढ़ाई जारी रख सकते हैं।
शिकायत कहाँ और कैसे करें?
अभिभावक अपनी शिकायतें निम्नलिखित माध्यमों से दर्ज करा सकते हैं:- केंद्रीय सेल (पुराना सचिवालय): कमरा नंबर 3, शिक्षा निदेशालय, पुराना सचिवालय, दिल्ली-110054।
- हेल्पलाइन नंबर: अभिभावक 9818154069 पर फोन कर मदद ले सकते हैं।
- जिला स्तर पर सुनवाई: मुख्यालय के अलावा, दिल्ली के सभी जिलों में भी ग्रीवेंस सेल बनाए गए हैं, जो रोजाना अपनी रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपेंगे।
सख्त कार्रवाई की चेतावनी
शिक्षा निदेशालय ने साफ कर दिया है कि जो भी स्कूल नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम, 1973 और RTE अधिनियम, 2009 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।राहत की बात: दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद, अब सरकार यूनिफॉर्म के पैसे सीधे छात्रों के बैंक खातों में भी ट्रांसफर कर सकती है, ताकि उन्हें स्कूल पर निर्भर न रहना पड़े।मुख्य निर्देश:
- स्कूल किसी भी छात्र को आय प्रमाण पत्र न होने के आधार पर स्कूल से बाहर नहीं निकाल सकते।
- बिना शिक्षा निदेशक की अनुमति के किसी भी छात्र की सुविधाएं नहीं रोकी जा सकतीं।

