जम्मू में गाय रक्षक के हमले के बाद ओमर अब्दुल्लाह का कड़ा बयान
रमबान जिले के एक व्यक्ति के गाय रक्षक होने का संदेह जताते हुए 13 अप्रैल 2026 को उस पर मारपीट किए जाने के बाद वह अब भी लापता है। घटना उस समय हुई जब पीड़ित, जो पशुधन ले जा रहा था, को कुछ लोगों ने पीछा किया और हमला किया। घबराकर वह एक नाले में कूद गया। घटना के बाद विभिन्न विभागों ने मौके पर सघन तलाशी अभियान शुरू किया और चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। स्थानीय लोगों ने न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्लाह ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में जंगलराज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया और क्षेत्र में शांति बनाए रखने पर जोर दिया। अब्दुल्लाह ने इस घटना को हत्या बताया और आश्वस्त किया कि उनकी सरकार के तहत सांप्रदायिक संघर्ष की अनुमति नहीं दी जाएगी। Hindustan Times के अनुसार, टनवीर अहमद चोपन नामक पीड़ित के पास पशु परिवहन का उचित परमिट था, लेकिन उसे चार लोगों ने रोका और उस पर हमला किया। इससे स्थानीय लोग आक्रोशित हुए और जम्मू–श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। एक विशेष जांच टीम गठित की गई है और पुलिस तलाश अभियान को तेज कर रही है। खोज अभियान तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है, जिसमें राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय पुलिस सक्रिय रूप से शामिल हैं। अधिकारी जांच की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर देते हुए किसी भी सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की घोषणा कर चुके हैं। रमबान में विरोध जारी हैं, जहां समुदाय के लोग जवाबदेही और शीघ्र न्याय की मांग कर रहे हैं। गिरफ्तारी किए गए चार संदिग्धों के रमबान निवासी होने की पुष्टि हुई है और घटना के पूरे सिलसिले की जांच जारी है।“हम जम्मू-कश्मीर में शांतिपूर्ण वातावरण चाहते हैं, लेकिन कुछ लोग यहां जंगलराज स्थापित करना चाहते हैं और माहौल खराब करना चाहते हैं। वे शांति नहीं चाहते और साम्प्रदायिक संघर्ष देखना चाहते हैं,” ओमर अब्दुल्लाह ने आधिकारिक बयान में कहा।समुदाय के नेताओं और अधिकारियों ने शांति बनाए रखने की अपील की है तथा जनता से कानून अपने हाथ में न लेने का अनुरोध किया है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन होगा और दोषियों को उचित सजा मिलेगी। लापता व्यक्ति की खोज के लिए नाले और आसपास के क्षेत्रों में समन्वित खोज अभियान जारी है। अधिकारियों ने परिवार से नियमित संपर्क बनाए रखा है। इस मामले ने स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है, जहां नेताओं ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के महत्व को दोहराया है।
“कुछ तत्व, जो शांति से असहज हैं, साम्प्रदायिक तनाव फैलाना चाहते हैं। हम जंगलराज स्थापित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। जब तक हम सत्ता में हैं, ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे,” ओमर अब्दुल्लाह ने एक सार्वजनिक संबोधन में कहा।अधिकारी जनता से संयम और सहयोग की अपील कर रहे हैं क्योंकि जांच प्रगति पर है। प्रशासन ने न्याय सुनिश्चित करने और क्षेत्र में किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक विघटन को रोकने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है। नोट: यह लेख AI सहायता से निर्मित है और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है। इसे प्रकाशित करने से पहले The Quint की संपादकीय टीम द्वारा समीक्षा किया गया है।

