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भाजपा में राज्यसभा सदस्यों का शामिल होना दलबदल नहीं, बल्कि ‘आप’ का विभाजन है: अब्बास नकवी

भाजपा में राज्यसभा सदस्यों का शामिल होना दलबदल नहीं, बल्कि 'आप' का विभाजन है: अब्बास नकवी

भाजपा में राज्यसभा सदस्यों के शामिल होने पर अब्बास नकवी का बयान: यह दलबदल नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी का विभाजन है

नई दिल्ली। राघव चड्ढा सहित सात राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने के बाद भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने इस विषय पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) के विभाजन की बात कही और अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को लिखे गए पत्र पर भी टिप्पणी की।

मुख्तार अब्बास नकवी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “किसी व्यक्ति ने पार्टी नहीं तोड़ी बल्कि पूरी पार्टी ही बिखर गई है। इसे दलबदल नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी का विभाजन माना जाना चाहिए। जब भी किसी राजनीतिक दल में ऐसा विभाजन होता है तो उसके सुधार की संभावना समाप्त हो जाती है।”

उन्होंने राघव चड्ढा के वीडियो के संदर्भ में कहा, “आंदोलन किसी वक्त व्यक्तित्वों को आकार देता है। राजनीति में जहां भी आंदोलन से दल उभरे हैं, उन्हें विभाजन का सामना करना पड़ा है। उदाहरण के तौर पर कांग्रेस को ही लें, जो कई बार विभाजित हो चुकी है। महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन के बाद कांग्रेस को भंग करने का सुझाव भी दिया था।”

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा जस्टिस स्वर्ण शर्मा के न्यायालय को पत्र लिखकर न्याय न मिलने की आशंका जताने और कोर्ट में उपस्थित न होने का फैसला लेने पर नकवी ने कहा, “केजरीवाल का यह कदम अनुचित है। ऐसा लगता है कि समस्या केवल कुछ नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था में थी। कोर्ट एक संवैधानिक संस्था है, जिसे केजरीवाल अपनी सुविधा के अनुसार चुन नहीं सकते।”

राहुल गांधी द्वारा ममता बनर्जी की सरकार पर सवाल उठाने के संदर्भ में मुख्य मंत्री के सहयोगी भाजपा नेता ने कहा, “पहले यूपीए सरकार एक अव्यवस्थित गठबंधन साबित हुई। अब इंडिया गठबंधन के अंदर भी कलह जारी है। दिल्ली में वे दोस्त बनकर रहते हैं, लेकिन कोलकाता में आपस में संघर्ष करते हैं।”

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By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)