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स्वस्थ भारत, विकसित भारत 2047 की नींव है: जेपी नड्डा

स्वस्थ भारत: विकसित भारत 2047 की आधारशिला

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. जगत प्रकाश नड्डा ने राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड (एनबीईएमएस) के 23वें दीक्षांत समारोह में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि एक स्वस्थ भारत ही विकसित भारत 2047 की नींव है। उन्होंने इस अवसर का महत्व बताते हुए इसे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य प्रणाली की प्रगति का प्रतीक बताया।

डॉ. नड्डा ने कहा कि यह दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण का आयोजन नहीं, बल्कि चिकित्सकों, शिक्षकों और अभिभावकों की मेहनत और समर्पण का उत्सव है। उन्होंने युवाओं के प्रति उम्मीद जताई कि वे अपनी विशेषज्ञता और नवाचार के माध्यम से देश के स्वास्थ्य तंत्र को सशक्त करेंगे।

मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवा में हुए व्यापक सुधार और वृद्धि की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि पिछले दशक में चिकित्सा शिक्षण संस्थानों की संख्या दोगुनी से अधिक बढ़ी है। एम्स संस्थानों की संख्या भी 23 तक पहुंच चुकी है, जिससे चिकित्सा शिक्षा में गुणवत्ता और पहुँच दोनों में सुधार हुआ है।

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि केवल भौतिक संरचना का निर्माण ही पर्याप्त नहीं, बल्कि कुशल डॉक्टरों का विकास और उनका पोषण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के सॉफ्टवेयर हैं, जो बुनियादी ढांचा या हार्डवेयर को सक्रिय करते हैं।

एनबीईएमएस द्वारा शुरू किए गए 11 नए शैक्षणिक कार्यक्रमों की भी मंत्री ने सराहना की। ये पाठ्यक्रम रोगी देखभाल में सुधार, विशिष्ट स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने और पूरे समाज को लाभांवित करने के उद्देश्य से बनाए गए हैं। साथ ही, ‘वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन’ पहल की सफलता को भी उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।

डॉ. नड्डा ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा एक विशेषाधिकार है, जो सरकार, शिक्षकों और समाज के सामूहिक प्रयासों से संभव हुआ है। उन्होंने स्नातक चिकित्सकों से सामाजिक सेवा में करुणा, ईमानदारी और प्रतिबद्धता बनाए रखने का आह्वान किया।

मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य नीति का केंद्र उपचारात्मक सेवा के साथ-साथ निवारक और संवर्धक स्वास्थ्य सेवाओं पर भी होना चाहिए। उन्होंने गैर-संक्रामक रोगों के बढ़ते प्रभाव पर ध्यान आकर्षित करते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए जीवनशैली में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने युवा विशेषज्ञों से निरंतर सीखने तथा बौद्धिक जिज्ञासा बनाए रखने को महत्वपूर्ण बताया और इसके माध्यम से चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने की प्रेरणा दी।

अंत में, राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना के तहत चिकित्सा शिक्षा और रोगी देखभाल के क्षेत्र में गुणवत्ता और व्यापकता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को शुभकामनाएँ दीं।

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By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)