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दिल्ली के शालीमार बाग में बड़ा एक्शन: सड़क चौड़ीकरण के लिए 143 अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर

दिल्ली के शालीमार बाग में बड़ा एक्शन: सड़क चौड़ीकरण के लिए 143 अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर

शालीमार बाग में अवैध निर्माणों पर विध्वंस अभियान, सड़क चौड़ीकरण के लिए कदम बढ़ाया

नई दिल्ली। शालीमार बाग के हैदरपुर गांव क्षेत्र में अवैध निर्माणों के विरुद्ध दिल्ली सरकार ने सोमवार को एक व्यापक विध्वंस अभियान आरंभ किया। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में की जा रही है, जिसका उद्देश्य सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत सार्वजनिक मार्ग को साफ-सुथरा और सुगम बनाना है।

मध्य-उत्तर जिला के जिला मजिस्ट्रेट एसएस परिहार ने पुष्टि की है कि 10 जनवरी, 2026 को हुए संयुक्त सर्वेक्षण में 30 मीटर चौड़े सड़क मार्ग के अंतर्गत कुल 143 अवैध स्थायी निर्माण पाए गए हैं। इन्हें हटाने के लिए बुलडोजर लगाया गया है। यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक सभी अवैध निर्माणों को हटा कर सड़क का मार्ग पूरी तरह से मुक्त नहीं हो जाता।

इस विवादित भूमि का अधिग्रहण वर्ष 1959-61 में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा मास्टर प्लान के तहत सार्वजनिक सड़क के रूप में किया गया था। भूमि अधिग्रहण की औपचारिकताएं वर्ष 1966 में पूरी हुईं और संबंधित मुआवजा राशि वर्ष 1981 तक भुगतान कर दी गई थी। इस प्रकार यह भूमि कानूनी रूप से सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित है।

परिहार ने बताया कि इस सड़क का महत्व यातायात के लिहाज से अत्यंत है, क्योंकि यह शालीमार बाग रेलवे अंडरब्रिज को आउटर रिंग रोड से जोड़ता है तथा रिंग रोड, आजादपुर, शालीमार बाग और आसपास के महत्वपूर्ण आवासीय, वाणिज्यिक एवं प्रशासनिक केंद्रों से सीधे जुड़ता है। इसके अलावा यह अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों और अन्य संवेदनशील संस्थानों तक पहुंच में भी सहायक है।

उन्होंने आगे कहा कि अतिक्रमण की वजह से सड़क की वास्तविक चौड़ाई घटकर लगभग 19.5 मीटर रह गई है, जबकि लगभग 10.5 मीटर का क्षेत्र अवैध निर्माण से अवरुद्ध हो गया है। यह स्थिति नियमित यातायात जाम की समस्या उत्पन्न करती है और आपातकालीन सेवाओं के लिए बाधा बनती है।

डीएम ने बताया कि भूमि का वैज्ञानिक सीमांकन टोटल स्टेशन मेथड तकनीक द्वारा वर्ष 2025 में किया गया था और उसी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने न्यूनतम विस्थापन के सिद्धांत को अपनाते हुए केवल आवश्यक 10.5 मीटर क्षेत्र में त्वरित विध्वंस अभियान संचालित किया है।

जनवरी 2026 में प्रभावित व्यक्तियों को आपत्तियां दर्ज करने के लिए सार्वजनिक सूचना जारी की गई, जिन्हें प्रमुख समाचार पत्रों में भी प्रकाशित किया गया था। सभी आपत्तियों पर विचार के बाद भूमि अधिग्रहण कलेक्टर ने 20 मार्च 2026 को आवश्यक आदेश पारित किया।

यह कदम दिल्ली की नियोजित विकास प्रक्रिया को सुदृढ़ करने तथा सड़क सुरक्षा एवं यातायात सुगमता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वह इस अभियान को तब तक जारी रखेगा जब तक सभी अवैध निर्माण हटाकर सड़क चौड़ीकरण की मंजूरी प्राप्त मार्ग पूर्ण रूपेण मुक्त नहीं हो जाता।

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By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)