केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने हज यात्रियों के पहले जत्थे का ह्दयपूर्वक स्वागत किया
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने दिल्ली हज समिति की अध्यक्ष कौसर जहां के साथ मिलकर इस साल के हज यात्रियों के पहले जत्थे का भव्य स्वागत किया। यह जत्था अपनी पवित्र हज यात्रा पूरी कर सुरक्षित भारत लौट आया है।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने मीडिया को बताया कि भारत से हर वर्ष लाखों मुसलमान हज यात्रा के लिए निकलते हैं और सरकार सुनिश्चित करती है कि सभी तीर्थयात्री पूरी सुरक्षा और सुविधा के साथ अपने हज का आयोजन कर सकें। इस वर्ष हज की तैयारियों में हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया गया था ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हुई कुछ घटनाओं का भी उल्लेख किया जहां कुछ लोगों द्वारा अनुचित व्यवहार की कोशिश की गई थी। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सऊदी अरब की स्थानीय नियमावली का पालन अनिवार्य है और उन्होंने संबंधित लोगों को समझा कर स्थिति को सामान्य किया गया।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ यात्रियों के सामान से जुड़ी समस्या को उन्होंने तकनीकी कारणों से जोड़ा, बताते हुए कि श्रीनगर रनवे की मरम्मत के कारण सामान लेकर उड़ानों में सीमा निर्धारित की गई थी। यह सरकार की कोई कुप्रबंधन नहीं थी।
मंत्री रिजिजू ने कहा कि सभी हाजी सुरक्षित हैं और उनकी वापसी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि मक्का-मदीना जाकर हज का फर्ज पूरा करना हर मुसलमान की जीवन की सबसे बड़ी तमन्ना होती है।
उन्होंने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय समेत अन्य संबंधित विभागों के प्रयासों की सराहना की और बताया कि सऊदी अरब के साथ समझौते (एमओयू) के बाद तैयारियां समय से शुरू कर दी गई थीं।
दिल्ली हज कमेटी की अध्यक्ष कौसर जहां ने बताया कि हज 2026 की पहली वापसी जत्थे में 375 तीर्थयात्री शामिल थे, जो सुरक्षित अपने घर लौट रहे हैं। उन्होंने सरकार की प्राथमिकता तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और आवश्यकताओं को बताया तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बेहतर व्यवस्थाओं का जिक्र किया।
कौसर जहां ने कहा, “हमारा सतत प्रयास होता है कि हज यात्रियों को उच्चतम स्तर की सुविधाएं प्रदान की जाएं ताकि उनकी यात्रा और भी स्मरणीय एवं सुरक्षित हो।”
उन्होंने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि इस वर्ष हज यात्रा बेहतर प्रबंधन, सुव्यवस्थित व्यवस्था और समर्पित प्रयासों के कारण पूर्व से अधिक सफल और सुरक्षित रही है। सेवा, संवेदनशीलता और सुशासन का यह संकल्प मोदी सरकार की पहचान है।