तेलंगाना सरकार संशोधित संपत्ति पंजीकरण दरें 5 जून से लागू करेगी
तेलंगाना सरकार ने 5 जून से संपत्ति पंजीकरण दरों में बदलाव की घोषणा की है, जो लगभग एक वर्ष के बाद यह पहली प्रमुख संशोधन है। इस कदम का उद्देश्य सरकारी नोटिफाइड दरों को वास्तविक बाजार मूल्य के करीब लाना है, खासकर शहरी क्षेत्रों में जहां अंतर सबसे अधिक देखा गया है।
सरकार द्वारा किए गए व्यापक सर्वेक्षण के बाद, संपत्ति पंजीकरण शुल्कों में 25% से लेकर 100% तक की वृद्धि की गई है। यह संशोधन बाजार और आधिकारिक दरों के बीच मौजूद अंतर को कम करने के लिए किया गया है ताकि लेनदेन पारदर्शी और न्यायसंगत हों।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम जमीन और संपत्ति के मूल्यांकन में अधिक वास्तविकता और संतुलन लाएगा, जिससे न केवल सरकार की राजस्व प्राप्ति बढ़ेगी बल्कि खरीदारों और विक्रेताओं के लिए भी लेनदेन में स्पष्टता आएगी। सरकार ने कहा है कि संशोधित दरों का उद्देश्य क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देना और शहरी संपत्ति बाजार को अधिक स्थिर और विश्वसनीय बनाना है।
इस पहल के बाद, संपत्ति के पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और बाजार मूल्य निर्धारण में सुधार होगा। सरकार ने सलाह दी है कि पंजीकरण कराने वाले लोग संशोधित दरों के अनुसार तैयारी रखें। यह परिवर्तन राज्य में संपत्ति लेनदेन को भी प्रभावित करेगा और संभावित विवादों को कम करेगा।
इससे पहले, संपत्ति पंजीकरण के लिए दरों में लंबे समय तक कोई बड़ा संशोधन नहीं किया गया था, जिससे बाजार और सरकारी दरों के बीच असंतुलन पैदा हो गया था। तेलंगाना सरकार के इस फैसले को संपत्ति बाजार को सशक्त बनाने और आर्थिक उत्थान के उपाय के रूप में देखा जा रहा है।