मुंबई में अग्नि सुरक्षा के नियम सख्त, 30 दिन में सुधार न होने पर होटल व व्यवसाय बंद हो सकते हैं
दिल्ली के मालवीय नगर में फ्लोरिश स्टे होटल में हुए दिल दहला देने वाले आग लगने की घटना के बाद, भरी संख्या में जानें जाने के बाद, ब्रिहन्मुम्बई महानगर पालिका (BMC) ने वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए अग्नि सुरक्षा कड़ाई से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं।
उच्च स्तरीय सुरक्षा के इर्द-गिर्द चिंता के मद्देनजर, निगम ने पहले दी गई 120 दिन की मोहलत खत्म कर दी है। अब होटल, रेस्तरां, बार और बैंक्वेट हॉल को आग सुरक्षा व्यवस्था में खामियों को सुधारने के लिए केवल दो सप्ताह से एक महीने का समय दिया जाएगा।
महाराष्ट्र फायर सर्विस एक्ट के तहत, यदि कोई भी प्रतिष्ठान तय सीमा में आवश्यक सुरक्षा उपायों को पूरा नहीं करता है, तो उसे बिजली और पानी जैसी बुनियादी सेवाओं से वंचित कर दिया जाएगा, जिससे उसके संचालन पर अंकुश लगेगा।
मुंबई अग्निशमन विभाग ने शहर भर में निरीक्षणों की संख्या बढ़ा दी है। जनवरी 2026 से अब तक, 428 प्रतिष्ठानों की जांच की गई है, जिनमें से 17 को आवश्यक अग्नि सुरक्षा उपकरणों की कमी या गैर-कार्यशील प्रणाली के कारण नोटिस जारी हुआ है।
तुलनात्मक रूप से, पूरे वर्ष 2025 में 2,721 प्रतिष्ठानों की जांच हुई थी और 22 उल्लंघनों के लिए नोटिस दिए गए थे।
इसके अतिरिक्त, अवैध LPG सिलेंडरों के उपयोग पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। 2025 में अग्नि विभाग ने 190 अवैध सिलेंडर जब्त किए थे, और 2026 के शुरुआती महीनों में ही 58 अतिरिक्त सिलेंडर बरामद किए जा चुके हैं, जो इस क्षेत्र में कड़ी कार्रवाई को दर्शाता है।
ये सख्त कदम मुंबई को ऐसी त्रासदियों से बचाने का प्रयास हैं, ताकि वाणिज्यिक प्रतिष्ठान नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित कर सकें और आग से संबंधित दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।