तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों का एनडीए से समर्थन, बंगाल विकास के लिए नई उम्मीद
नयी दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर कश्मीर विवादों और अन्य राजनीतिक कारणों से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के प्रति अपना समर्थन घोषित किया है। इस नए गठबंधन का नेतृत्व पार्टी नेता काकोलि घोष दास्तिदार कर रही हैं।
पूरे घटनाक्रम में पश्चिम बंगाल के विकास को ध्यान में रखते हुए सांसदों ने अलग होकर एनडीए के साथ जुड़ने की इच्छा जताई है। इस संबंध में एक बैठक दिल्ली में केंद्रीय मंत्री और भाजपा के पश्चिम बंगाल पर्यवेक्षक भूपेन्द्र यादव के आवास पर हुई, जिसमें इस आशय पर चर्चा की गई। बरदमान पूर्वी से सांसद शार्मिला सरकार ने भी कहा कि सांसद अलग होकर बैठना चाहते हैं और यह नया ब्लॉक बंगाल के विकास में मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि बंगाल के विकास के लिए एनडीए को समर्थन देना जरूरी है।
यह निर्णय उन 58 विधायकों के विद्रोह के कुछ दिन बाद आया है, जिन्होंने तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर पूर्व निष्कासित पार्टी नेता ऋतबृता बनर्जी को विपक्ष के नेता के पद पर चुना।
साथ ही, तृणमूल कांग्रेस के राजसभा सांसद सुखेंदु सकेर राय ने पार्टी से इस्तीफा दिया है। उन्होंने हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में मतदाताओं द्वारा दिए गए जनादेश को स्वीकार करते हुए भाजपा के प्रति समर्थन जताया। राय ने कहा कि मतदाताओं ने तृणमूल कांग्रेस की 15 वर्षों की ‘अव्यवस्थात्मक’ सरकार को खत्म करने के लिए भाजपा को भारी जनादेश दिया है। उन्होंने नई सरकार की प्रदेश के सर्वांगीण विकास और पुनर्निर्माण के प्रयासों की प्रशंसा की।
पार्टी के Falta विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी और अन्य नेता भी इस राजनीतिक परिवर्तन को लेकर नई रणनीतियों पर विचार कर रहे हैं, ताकि क्षेत्रीय राजनीति में बदलाव लाया जा सके।
इस पूरी स्थिति को देखते हुए पश्चिम बंगाल की राजनीतिक चुनौतियां और पदचिन्ह राज्य के भविष्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेंगी। यह कदम तृणमूल कांग्रेस के टूटते हुए कुनबे और प्रदेश की राजनीति में उथल-पुथल का संकेत है।