गांवों के विकास के लिए डिजिटल लाइब्रेरी और पेयजल निगरानी में नई पहल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों में डिजिटल सुविधाओं, स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा में तेजी और पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया है।
मंत्री राजभर ने डिजिटल लाइब्रेरी स्थापना, स्वच्छता अभियान और पेयजल गुणवत्ता निगरानी को प्राथमिकता देते हुए इस दिशा में योजनाओं की समीक्षा की है। डिजिटल लाइब्रेरी ग्रामीण बच्चों एवं युवाओं को आधुनिक शैक्षिक संसाधनों से जोड़ने में सहायक होगी। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं, तकनीकी शिक्षा एवं डिजिटल ज्ञान तक पहुंच सुनिश्चित होगी। उन्होंने अधिकारियों को नई डिजिटल लाइब्रेरी के लिए प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने और कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत चल रहे कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने जनभागीदारी को आवश्यक बताया। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों को सशक्त बनाने, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन में गति लाने एवं फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट कार्यों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। गंगा और सहायक नदियों के किनारे ग्राम पंचायतों में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
मंत्री ने पेयजल सुरक्षा के लिए लगभग 28.60 लाख हैंडपंपों की जियो-टैगिंग और मानकीकरण व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। सभी हैंडपंपों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर उनकी स्थिति और जल गुणवत्ता को ऑनलाइन उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी गई है। इससे खराब हैंडपंपों की त्वरित पहचान और मरम्मत में पारदर्शिता आएगी तथा ग्रामीणों को बेहतर पेयजल सुविधाएं मिलेंगी।
उन्होंने कहा कि तकनीक के उपयोग द्वारा प्रत्येक योजना का लाभ सीधे अंतिम उपयोगकर्ता तक पहुंचेगा। जिला और विकास खंड स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित कर विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी बनाया जाएगा। पंचायतों को सशक्त करने से ही आत्मनिर्भर और समृद्ध गांवों की स्थापना संभव होगी। मंत्री ने अधिकारियों से संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ ग्रामीण विकास योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने का आग्रह किया।