मध्य प्रदेश में मीनाक्षी नटराजन का राज्य सभा नामांकन हुआ अस्वीकार
मध्य प्रदेश से कांग्रेस की एकमात्र राज्य सभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का मंगलवार को नामांकन रद्द कर दिया गया। यह निर्णय भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी द्वारा उनके खिलाफ चुनाव शपथपत्र में छिपाए गए एक आपराधिक मामले की जानकारी न देने के आरोप के बाद लिया गया।
रिटर्निंग अधिकारी ने नटराजन को उनके उत्तर प्रस्तुत करने के लिए मंगलवार शाम 6 बजे तक का समय दिया था। उनकी व्याख्या सुनने के पश्चात् अधिकारी ने उनका नामांकन खारिज कर दिया, जैसा कि समाचार एजेंसी आज तक ने बताया।
बाद में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में मीनाक्षी नटराजन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के वकीलों को सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, “प्रतिशोध अब वोट की चोरी से बढ़कर सीट की चोरी बन गई है।”
मध्य प्रदेश विधानसभा, जिसकी सदस्यों की कुल संख्या 230 है, 18 जून को तीन सदस्यों का चुनाव राज्य सभा के लिए करेगी। विधानसभा की प्रभावी सदस्य संख्या 229 है और एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 58 प्रथम-प्राथमिकता वोटों की आवश्यकता होती है।
इन तीन सीटों में से भारतीय जनता पार्टी के पास स्पीकर को छोड़कर 164 विधायक हैं, जिससे उसकी स्थिति चुनाव में मजबूत मानी जा रही है।
मीनाक्षी नटराजन का मामला राज्य के राजनीतिक समीकरणों में बदलाव ला सकता है और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर महत्वपूर्ण चर्चा को जन्म दे सकता है। इस घटना ने मध्य प्रदेश की आगामी राज्य सभा चुनावों की राजनीतिक गहमागहमी को और बढ़ा दिया है।