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कर्नाटक एसआईआर: बीजेपी, जेडी(एस) का आरोप- बूथ स्तर अधिकारियों द्वारा मस्जिदों में फॉर्म भरना, घर-घर सर्वेक्षण नहीं

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Jul 7, 2026 #source
Karnataka SIR: BLOs filling forms in mosques, no door-to-door survey, allege BJP, JD(S)

कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण में गंभीर आरोप

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के खिलाफ विपक्ष ने चुनाव आयोग को विशेष मतदाता सूची संशोधन में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की शिकायत की है। बीजेपी और जेडी(एस) के नेताओं ने राज्य में चल रहे विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

30 जून से राज्य में विशेष सघन पुनरीक्षण के तीसरे चरण के अंतर्गत घर-घर जाकर मतदाता सूची का संकलन शुरू हुआ। यह कार्य चुनाव आयोग द्वारा पुराने मतदाता डेटा की जांच और पुष्टि हेतु किया जा रहा है।

मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी और जनता दल (सेक्युलर) के नेताओं का आरोप था कि कर्नाटक में इस प्रक्रिया को संचालित करने वाले अधिकारी स्वीकृत प्रक्रिया का उल्लंघन कर रहे हैं, जिससे लोकतंत्र की मूल भावना कमजोर हो रही है।

बीजेपी के कर्नाटक विधानसभा में विपक्षी नेता आर अशोक के नेतृत्व वाली समिति ने कहा कि बूथ स्तर के अधिकारी जो एक विशेष धर्म से संबंधित हैं, उन्हें अल्पसंख्यक इलाकों में तैनात किया जा रहा है ताकि मतदान सूची संशोधन का कार्य किया जा सके। समिति ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा, “एसआईआर प्रक्रिया में बूथ स्तर अधिकारी का धर्म कोई महत्व नहीं रखता।”

पत्र में यह भी कहा गया कि “गणना फॉर्म सामुदायिक हॉल, मस्जिदों और बूथ स्तर अधिकारियों के निवास पर भरे जा रहे हैं।” इसके अतिरिक्त, व्हाट्सएप समूह बनाए गए हैं जिसके माध्यम से लोगों को इन सामुदायिक स्थानों और मस्जिदों में जाकर एसआईआर प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

इस तरह की व्यवस्थाएं चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। विपक्ष ने चुनाव आयोग से इस मामले की शीघ्र जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)