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मुंबई मानसून: 24×7 आपदा नियंत्रण कक्ष एवं मेट्रो 2A, 2B, 7 और 9 के लिए अन्य सुरक्षा उपाय

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Jun 10, 2026 #CCTV, #imd, #MMRDA, #SOP, #stretches
Mumbai Monsoon: 24x7 Disaster Control Room and Other Safety Measures For Metro 2A, 2B, 7 and 9

मुंबई मेट्रो के लिए व्यापक मानसून तैयारी और सुरक्षित संचालन सुनिश्चित

महाराष्ट्र मेट्रो रेगुलेटरी अथॉरिटी (MMRDA) ने दक्षिण-पश्चिम मानसून के आने से पहले मेट्रो कॉरिडोर्स और संबंधित अवसंरचनात्मक परियोजनाओं में व्यापक बहुस्तरीय मानसून तैयारी और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली लागू कर दी है। विशेष रूप से, मेट्रो लाइन 2A, 2B, 7 और 9 पर सतर्कता और सुरक्षा के कदम बढ़ाए गए हैं।

MMRDA ने भारी वर्षा शुरू होने से पहले सभी स्टेशनों के वाटरप्रूफिंग सिस्टम, प्लेटफॉर्म ड्रेनेज प्रणाली, ट्रैक्शन सबस्टेशन, वायडक्ट ड्रेनेज व्यवस्था और ओवरहेड उपकरणों की स्थिति की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं। यात्री सूचना, आपातकालीन गति प्रतिबंध और मानसून प्रतिक्रिया प्रबंधन के लिए संचालनात्मक एसओपी को भी अपडेट किया गया है और मेट्रो संचालन में एकीकृत किया जा रहा है।

इस वर्ष पहली बार मानसून का सामना कर रही मेट्रो लाइनों 2B और 9 के लिए विशेष मानसून तैयारी ऑडिट निर्धारित किए गए हैं, जिनमें ड्रेनेज सिस्टम, संरचनात्मक कमजोरियों का आकलन और आपातकालीन सुरक्षा तैयारियां शामिल हैं।

MMRDA ने आपातकालीन मॉक ड्रिल्स, अस्पतालों के साथ समन्वय, मौसम विभाग के अलर्टों का समावेशन और सभी निर्माण पैकेजों के लिए पूर्व मानसून निरीक्षण अनिवार्य कर दिए हैं। मानसून अवधि के दौरान रियल-टाइम समन्वय एवं जनसंपर्क के लिए समर्पित मीडिया निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया टीमें तैनात की गई हैं।

सभी ठेकेदारों को साइट-विशिष्ट मानसून तैयारी योजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत करनी होंगी, जिनमें जल निकासी प्रणाली, ढलान सुरक्षा, वाटरप्रूफिंग, श्रमिक सुरक्षा, आपातकालीन सामग्री सूची, बाढ़ जोखिम प्रबंधन और आपातकालीन प्रक्रियाएँ MMRDA के आपदा नियंत्रण कक्ष से सीधे समन्वयित होनी चाहिए।

प्रोजेक्ट स्थलों पर पर्याप्त क्षमता वाले जल निकासी पंप, गड्ढा मरम्मत वाहन, बैरिकेडिंग सुरक्षा तंत्र, आपातकालीन प्रकाश व्यवस्था और ड्रेनेज सफाई तंत्र की भी व्यवस्था की गई है। निर्माण स्थलों से मलबा हटाने, क्षतिग्रस्त नालियों और फुटपाथ की मरम्मत, और विद्युत प्रणालियों का क्लीनिकल परीक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि मानसून से जुड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

GGएमएमिरोधी गतिविधियों (जैसे कि गरडर लॉन्चिंग) को IMD और नगरपालिका के रेड अलर्ट के दौरान निलंबित करने तथा बाढ़ प्रवण क्षेत्रों में श्रमिक शिविरों का पुनर्स्थापन करने के निर्देश भी जारी हैं। CCTV निगरानी तथा रियल-टाइम साइट मॉनिटरिंग के तहत सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्य तैयारी और सुरक्षा उपाय:

  • आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों की तैनाती जो इंजीनियर और श्रमिकों पर आधारित हैं।
  • प्रबल वर्षा वाले क्षेत्रों में जल निकासी पंपों की पर्याप्त संख्या।
  • रास्तों की त्वरित मरम्मत के लिए गड्ढा-मुरम्मत वाहन।
  • मानसून शुरू होने से पहले स्टॉर्म-वाटर ड्रेनेज सिस्टम की सफाई एवं डीसल्टिंग।
  • बैरिकेडिंग बोर्डों के निचले हिस्से का सीलिंग और पूर्ण stretches से बैरिकेड हटाना।
  • प्रोजेक्ट साइटों से मलबा हटाने को प्राथमिकता।
  • मानसून से पहले नालियों और सड़क विभाजकों की मरम्मत।
  • मुमकिन हो तो मानसून से पहले पाइलिंग एवं पाइल-कैप का कार्य पूर्ण करना।
  • पाइल-कैप क्षेत्रों पर अस्फाल्ट और PQC पुनर्स्थापन।
  • तूफानी हवाओं से सुरक्षा हेतु पियर सुदृढ़ीकरण।
  • मच्छर नियंत्रण के लिए कॉस्टिंग यार्ड और परियोजना क्षेत्रों में फॉगिंग।
  • विद्युत प्रणालियों का परीक्षण।
  • गार्डन सेल के पर्यवेक्षण में वृक्ष कटाई।
  • फुटपाथ मरम्मत।
24×7 आपदा नियंत्रण कक्ष:

यह 15 अक्टूबर 2026 तक Complaint Registration, आपातकालीन समन्वय और विभिन्न एजेंसियों जैसे MCGM, पुलिस, राज्य सरकार विभागों एवं अन्य नागरिक निकायों के साथ संचार के लिए सक्रिय रहेगा। मेट्रो परियोजनाओं के लिए चीफ नोडल ऑफिसर, डिवीजनल नोडल टीमें और प्रोजेक्ट-विशेष समन्वय अधिकारी लगाए गए हैं जो भारी वर्षा के दौरान शीघ्र प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेंगे।

हेल्पलाइन नंबर:
टोल फ्री: 1800228801
मोबाइल: 8657402090
फोन: 022-6596 4176 / 022-6596 7901 / 022-2659 1241

सुचारु मानसून तैयारी के अंतर्गत MMRDA ने निम्न संसाधन प्रोजेक्ट स्थलों पर जुटाए हैं:

  • 49 एम्बुलेंस
  • 431 जल निकासी पंप
  • 544 CCTV कैमरे
  • 55 आपातकालीन नियंत्रण कक्ष
जो मेट्रो और इंजीनियरिंग विभाग परियोजनाओं में आपातकालीन प्रतिक्रिया एवं निरंतर निगरानी के लिए तैनात हैं।

MMRDA और राज्य सरकार क्या कहती है:

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा: “मुंबई और उसकी महानगरीय क्षेत्र में हर वर्ष शहरी मानसून की अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए मैंने सभी अवसंरचना और नागरिक एजेंसियों को अधिकतम तैयारी, रोकथाम योजना और शीघ्र प्रतिक्रिया समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। MMRDA ने मेट्रो कॉरिडोर्स, सड़कों, सुरंगों और अन्य परियोजनाओं में व्यापक तैयारी की है ताकि नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा बनी रहे।”

उसे उपमुख्यमंत्री और MMRDA अध्यक्ष एकनाथ शिंदे ने कहा: “हम मुंबई क्षेत्र में देश की सबसे बड़ी शहरी परियोजनाओं का कार्य एक साथ कर रहे हैं। मानसून के दौरान सुरक्षित निर्माण स्थल, जल निकासी, यातायात सुगमता और आपातकालीन प्रतिक्रिया की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। इसीलिए कठोर SOP जारी किए गए हैं एवं ठेकेदारों, परामर्शदाताओं और परियोजना एजेंसियों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है।”

MMRDA के मेट्रोपोलिटन कमिश्नर डॉ. संजय मुखर्जी, IAS ने बताया: “हमने मानसून प्रबंधन के लिए एक व्यापक और विकेंद्रीकृत योजना बनाई है। परियोजना निगरानी, आपातकालीन समन्वय, ड्रेनेज प्रबंधन और संचालन सुरक्षा के लिए समर्पित टीमें नियुक्त की गई हैं। सभी अनुबंधित एजेंसियों को निश्चित SOP और Site-Specific Plans का कड़ाई से पालन करना होगा। हमारा लक्ष्य मानसून के दौरान समुचित निगरानी और शीघ्र प्रतिक्रिया के माध्यम से नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।”

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)