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मुंबई में 19,734 जाली जन्म प्रमाणपत्रों की पहचान; 20,000 से अधिक में त्रुटियाँ पाई गईं, रद्द किए जाएंगे

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Jun 11, 2026 #onar, #source
19,734 Forged Birth Certificates Identified In Mumbai; Over 20,000 More With Errors To Be Cancelled

मुंबई में जाली जन्म प्रमाणपत्रों की जांच में भारी संख्या में गड़बड़ी का खुलासा

महाराष्ट्र सरकार ने 19,734 जन्म प्रमाणपत्र निरस्त करने के निर्देश दिए, साथ ही 20,000 से अधिक त्रुटिपूर्ण प्रमाणपत्रों की भी पहचान की गई है।

मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े ने बुधवार, 10 जून को घोषणा की कि महाराष्ट्र सरकार ने ब्रिहन्मुम्बई नगर निगम (बीएमसी) को 19,734 जन्म प्रमाणपत्रों को निरस्त करने का निर्देश दिया है, जिनमें संशोधन जाली पाए गए हैं। यह कार्रवाई राज्य स्वास्थ्य विभाग और बीएमसी के स्तर पर की जाएगी।

इस बारे में स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि ये संशोधन रजिस्ट्रेशन ऑफ बर्थ्स एंड डेथ्स एक्ट के तहत नहीं किए गए थे। 9 जून को डायरेक्टर ऑफ हेल्थ सर्विसेज ने मुंबई जिला रजिस्ट्रार और एक्जीक्यूटिव हेल्थ ऑफिसर से अनुरोध किया कि वे 2024 से 2026 के बीच एसएपी सिस्टम में किए गए सभी बदलावों को वापस करें और मूल जन्म प्रमाणपत्रों को पुनः स्थापित करें।

मूल जन्म प्रमाणपत्र में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। संशोधनों की जांच एजेंसियां इस कारण कर रही हैं क्योंकि इन परिवर्तनों को अनुचित ढंग से किया गया था और इनके दुरुपयोग की आशंका है। मेयर तावड़े ने कहा कि एफआईआर की जांच में अब तक कोई विशेष प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को दो दिन के भीतर अपडेट देने का निर्देश दिया गया है।

राज्य सरकार ने एसआईटी को इस मामले की जांच प्रगति पर 48 घंटे में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। रिपोर्ट मेयर और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मांगी है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि रजिस्ट्रार केवल रजिस्ट्रेशन ऑफ बर्थ्स एंड डेथ्स एक्ट की धारा 15 और महाराष्ट्र रजिस्ट्रेशन ऑफ बर्थ्स एंड डेथ्स नियम, 2000 की नियम 11 के तहत सीमित अधिकारों के दायरे में ही सुधार कर सकते हैं।

मीडिया से बातचीत में मेयर तावड़े ने कहा कि संदिग्ध जन्म रजिस्ट्रेशन की पहचान करना चुनौतीपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि 19,734 संख्या काफी बड़ी है और इनमें अधिकांश व्यक्तियों ने मुंबई में कई वर्षों से निवास किया है। कम गंभीर त्रुटियों वाले प्रमाणपत्र बीएमसी स्तर पर निरस्त किये जाएंगे, जबकि गंभीर मामलों को कार्रवाई से पहले राज्य सरकार को भेजा जाएगा।

इस मामले में चार एफआईआर दर्ज की गई हैं, जो देonar, शिवाजी नगर, मुलुंड और कुरला पुलिस थानों में दर्ज हैं। बीएमसी ने भी स्वास्थ्य विभाग के चार अधिकारियों को आरोपित पाए जाने के चलते नौकरी से निलंबित किया है।

पिछले महीने, बीएमसी स्वास्थ्य विभाग के प्रारंभिक जांच में 87,347 जाली जन्म प्रमाणपत्र किए गए पाए गए। जांच के तहत यह पाया गया कि ये प्रमाणपत्र रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों से जुड़े थे। यह खुलासा बड़े स्तर पर सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर और सिस्टम के दुरुपयोग को दर्शाता है।

जांच रिपोर्ट के अनुसार, 2024 से 2026 के बीच एसएपी सिस्टम के जरिए स्वीकृत न होने वाले भारी ग़लत प्रविष्टियां की गईं। जांच में यह भी पता चला कि मेडिकल हेल्थ ऑफिसर ने नागरिक रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) पोर्टल का उपयोग न कर, पुराने एसएपी-सीपीडब्ल्यूएम सिस्टम के माध्यम से रिकॉर्ड में बदलाव किये, जो कि मान्यता प्राप्त प्लेटफॉर्म नहीं है।

यह प्रथा भारत के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी दिशानिर्देशों का उल्लंघन है। इसके बाद, मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच ने इस मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन किया है। वर्तमान में जाली जन्म प्रमाणपत्र के इस नेटवर्क की जांच प्रक्रिया जारी है।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)