दिल्ली सरकार ने नौवीं कक्षा में दो या तीन बार असफल हो चुके छात्रों की पढ़ाई जारी रखने के लिए विशेष पहल शुरू की है। शिक्षा निदेशालय के राष्ट्रीय मुक्त विद्यालीय शिक्षा संस्थान( एनआईओएस) प्रोजेक्ट के तहत सभी सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को छात्रों व अभिभावकों की काउंसलिंग करने के निर्देश दिए हैं, जिससे कि कोई भी छात्र बीच में पढ़ाई ना छोड़े। यदि कोई छात्र पढ़ाई छोडऩा चाहता है तो उसे इस प्रोजेक्ट के माध्यम से सीधे दसवीं कक्षा में दाखिला लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। निर्देशों के अनुसार यदि छात्र नियमित स्कूल में पढ़ाई जारी रखने के लिए तैयार नहीं होता और स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र लेना चाहता है, तो उसे एनआईओएस प्रोजेक्ट के माध्यम से सीधे दसवीं कक्षा में प्रवेश लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
विशेष रूप से अभिभावकों को यह जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं कि एनआईओएस में गणित विषय अनिवार्य नहीं है, इस कारण छात्र दसवीं पास करने के बाद अपने ही स्कूल में ग्यारहवीं में दाखिला लेने के योग्य हो जाएगा। स्कूलों को पूरी प्रक्रिया के दौरान अभिभावकों और छात्रों को आवश्यक सहयोग देने तथा उनकी शंकाओं का समाधान करने के लिए नियमित काउंसलिंग सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

