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ग़ाज़ियाबाद: एसटीपी) के पानी के नमूने में वैक्सीन व्युत्पन्न पोलियो वायरस (वीडीपीवी) टाइप-1 मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सर्वे में जुटा

डूंडाहेड़ा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के पानी के नमूने में वैक्सीन व्युत्पन्न पोलियो वायरस (वीडीपीवी) टाइप-1 मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सर्वे में जुटा है। जिले में अब तक करीब 20 हजार घरों का सर्वे किया जा चुका है। हालांकि, किसी भी क्षेत्र में ऐसा कोई बच्चा नहीं मिला है, जिसमें पोलियो या गंभीर कमजोरी के लक्षण पाए गए हों। इस कारण अभी कोई नमूना जांच के लिए नहीं भेजा गया है।रविवार को डूंडाहेड़ा एसटीपी से लिए गए नमूने में वीडीपीवी टाइप-1 मिलने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद जिला स्वास्थ्य विभाग के साथ राज्य स्तरीय टीम ने भी गाजियाबाद में डेरा डाल दिया है। राज्य टीम में डॉ. अंकुश शुक्ला, डॉ. अंकिता सिंह, डॉ. आशु सिंह और डॉ. भानु कुमार शुक्ला शामिल हैं। गुरुवार को मंडलीय सर्विलांस अधिकारी ने भी जनपद पहुंचकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मुलाकात की और अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की।स्वास्थ्य विभाग ने शहरी क्षेत्रों में विशेष निगरानी अभियान शुरू किया है। जिले के 12 संवेदनशील क्षेत्रों में 107 टीमों को लगाया गया है, जो 1.51 लाख से अधिक आबादी को कवर कर रही हैं।

राज्य स्तरीय टीम भी विभिन्न इलाकों में जाकर निगरानी और सत्यापन का कार्य कर रही है। इसके अलावा अन्य राज्यों और देशों से आने वाले लोगों की भी मेडिकल हिस्ट्री जुटाई जा रही है।28 से शुरू होने वाले अभियान पर विशेष फोकस : 28 जून से शुरू होने वाले पल्स पोलियो अभियान को लेकर भी विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। इस बार अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अतिरिक्त टीमें तैनात की जाएंगी और प्रतिदिन निगरानी की जाएगी। विभाग का लक्ष्य है कि निर्धारित आयु वर्ग का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। अभियान के दौरान जिले में सात लाख से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )