जी7 शिखर सम्मेलन में समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नाविकों के संरक्षण पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान समुद्री मार्गों की सुरक्षा तथा नाविकों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सहित अन्य वैश्विक नेताओं को संबोधित किया।
जी7 शिखर सम्मेलन में फ्रांस, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी, इटली, जापान और अमेरिका के प्रमुख शामिल होते हैं। मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में संघर्ष ने हमारे मित्र देशों में जान-माल का नुकसान किया है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के माध्यम से समुद्री व्यापार में हुई बाधाओं ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है और कई भारतीय नागरिकों की जान गई है। उन्होंने कहा, “समुद्री व्यापार के माध्यम से सभी राष्ट्र जुड़े होते हैं, इसलिए नाविकों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें और नाविक बिना भय के अपने कार्य कर सकें।”
मोदी के ये बयान ऐसी घटनाओं की पृष्ठभूमि में आए हैं जब अमेरिकी बलों ने पश्चिम एशिया में उन जहाजों पर हमले किए थे जिन पर भारतीय नाविक सवार थे। 10 जून को ओमान के तट के पास अमेरिकी सैन्य बलों ने पेलाउ ध्वजांकित एक वाणिज्यिक टेंकर पर हमला किया, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की मृत्यु हो गई जबकि 21 अन्य को बचा लिया गया।
अगले दिन, एक अन्य जहाज पर सवार 20 भारतीय नाविक…