मुंबई में एआई आधारित भीड़ प्रबंधन के लिए एक नवीनतम पायलट प्रोजेक्ट
ब्रिहन्मुम्बई महानगरपालिका (बीएमसी) जल्द ही अपने व्यस्ततम धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) संचालित भीड़ निगरानी प्रणाली लागू करने की तैयारी कर रही है। इस पहल का उद्देश्य भीड़ प्रबंधन, सार्वजनिक सुरक्षा और नगर निगम सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना है, जो वास्तविक समय डेटा विश्लेषण पर आधारित होगी।
यह प्रस्ताव बीजेपी पार्षद तजिंदर सिंह तिवाना द्वारा प्रस्तुत किया गया है और आगामी जनसंपर्क बैठक में इसे अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। यदि इसे स्वीकृति मिलती है, तो यह परियोजना शहर के मौजूदा सीसीटीवी नेटवर्क के साथ एआई को जोड़ते हुए पांच प्रमुख स्थलों पर आगंतुकों की संख्या, भीड़ की घनत्ता और गतिशीलता पैटर्न की निगरानी करेगी।
यह पहल गणेशोत्सव और नवरात्रि जैसे बड़े त्योहारों के दौरान भारी भीड़ प्रबंधन से जुड़ी चिंताओं के बीच आई है, जब करोड़ों श्रद्धालु और पर्यटक मुंबई के लोकप्रिय धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का दौरा करते हैं। सालभर मुंबई के समुद्र तट, विरासत स्थल, बाजार और पूजा स्थल भारी जनसंख्या आकर्षित करते हैं, जो नगर निगम के लिए सार्वजनिक सुविधाओं और सुरक्षा बनाए रखने की चुनौती प्रस्तुत करते हैं।
यह प्रस्तावित प्रणाली वास्तविक समय में सूचनाएं प्रदान कर नगरपालिका एजेंसियों को संसाधनों का अधिक प्रभावशाली प्रबंधन करने में मदद करेगी। इसके द्वारा स्वच्छता सेवाएं, पेयजल सुविधाएं, सार्वजनिक शौचालय, यातायात नियंत्रण तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों को भीड़ की वास्तविक स्थिति के अनुसार समायोजित किया जा सकेगा न कि अनुमान के आधार पर।
तिवाना के अनुसार, लाइव भीड़ डेटा सेड़त तत्काल भीड़भाड़ को नियंत्रित करने और पीक पीरियड्स में दुर्घटना याstampede की संभावना को कम करने में सहायता मिल सकती है। यह तकनीक बड़े आयोजन के दौरान नगर निगम, परिवहन और आपातकालीन विभागों के बीच बेहतर समन्वय भी सुनिश्चित करेगी।
तत्कालिक लाभों के अलावा, एकत्रित डेटा दीर्घकालिक शहरी योजना के लिए भी मार्गदर्शक होगा। आगंतुक प्रवृत्तियों, पदयात्रा संचालन और अवसंरचना उपयोग से संबंधित जानकारियां नीतिनिर्माताओं को परिवहन संबंधी कनेक्टिविटी, सार्वजनिक सुविधाओं, सुलभता सुधारों तथा भविष्य के विकास परियोजनाओं के लिए सूचित निर्णय लेने में मदद करेंगी।
शहरी विशेषज्ञ बताते हैं कि दुनिया भर के शहर अब सार्वजनिक स्थानों के बेहतर प्रबंधन और आगंतुक अनुभव सुधार के लिए एआई-संचालित भीड़ विश्लेषण को अपनाने लगे हैं। हालांकि, वे डेटा गोपनीयता, पारदर्शिता और सूचना सुरक्षा हेतु स्पष्ट नियमावली के निर्माण पर भी जोर देते हैं ताकि लोक विश्वास बना रहे।
यदि जनसंपर्क बैठक में स्वीकृत हुआ, तो यह प्रस्ताव प्रशासनिक समीक्षा के लिए नगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिड़े को भेजा जाएगा। इस पायलट परियोजना के परिणाम तय करेंगे कि क्या मुंबई के स्मार्ट सिटी उपक्रमों का स्थायी हिस्सा बनेगा।
यह प्रस्ताव डेटा-आधारित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो तकनीक को सुरक्षित, प्रभावी और उत्तरदायी शहरी वातावरण निर्मित करने के साथ ही निवासियों और आगंतुकों दोनों के लिए बेहतर अनुभव प्रदान करने में सक्षम बनाएगा।