डीएम ने मंगलवार को एनआईसी के सभागार में शुद्ध खाद्य पदार्थ एवं औषधि उपलब्ध कराने के लिए जिलास्तरीय समिति की बैठक की। डीएम ने कहा है कि छापेमारी व विशेष अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की जांच की जाए।
डीएम मेधा रूपम ने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने की जरूरत है। खाद्य पदार्थों के नमूनों को जांच के लिए भेज जाए। प्रयोगशाला जांच में अगर किसी नमूने में मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
सभी खाद्य प्रतिष्ठानों, रेस्टोरेंट, ढाबों, स्कूलों, कॉलेजों व छात्रावासों की कैंटीनों का नियमित और आकस्मिक निरीक्षण कराया जाए। समीक्षा के दौरान ब्लड बैंक, मेडिकल स्टोर्स, दवा निर्माण इकाइयों एवं कॉस्मेटिक उत्पादों की नियमित जांच करने को कहा गया है।

