शहर के अधिकांश सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध निजी स्कूल एक जुलाई से ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद फिर से खुलने जा रहे हैं। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप की जाएगी। इसके लिए अवकाश के दौरान शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया, ताकि कक्षाओं में गतिविधि आधारित, कौशल आधारित और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण पद्धति को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। कुछ स्कूल सोमवार से ही खुल गए हैं। महर्षि विद्या मंदिर में रविवार को सीबीएसई के निर्देश पर शिक्षकों के लिए इन-हाउस प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में नई शिक्षा नीति, अनुभवात्मक शिक्षण, आधुनिक शिक्षण तकनीक, मूल्यांकन प्रणाली और विद्यार्थियों के समग्र विकास पर विस्तार से चर्चा हुई।बच्चों को कराएं नियमित रिवीजन-स्कूल प्रबंधन का मानना है कि यह प्रशिक्षण शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने के साथ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वहीं, स्कूल खुलने से पहले अभिभावकों को भी बच्चों का नियमित रिवीजन कराने और पढ़ने-लिखने की आदत बनाए रखने का संदेश भेजा गया है।

