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महाराष्ट्र सरकार सरकारी प्रकाशनों की बिक्री और होम डिलीवरी के लिए ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च करेगी

Maharashtra to Launch Online Portal for Sale and Home Delivery of Government Publications

महाराष्ट्र सरकार का नया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म: सरकारी प्रकाशनों की बिक्री और गृह वितरण में क्रांति

महाराष्ट्र सरकार ने नागरिकों को सरकारी प्रकाशन ऑनलाइन खरीदने और पूरे भारत में किसी भी पते पर डिलीवरी करवाने के लिए एक आधुनिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लॉन्च करने का निर्णय लिया है। यह पहल सरकारी प्रकाशनों के वितरण को आधुनिक बनाने और जनसाधारण के लिए पहुंच को सुगम बनाने के उद्देश्य से की जा रही है।

उद्योग, ऊर्जा, श्रम और खदान विभाग ने “ऑनलाइन और काउंटर बुक स्टोर एप्लीकेशन” के विकास को मंजूरी दी है तथा https://mahapublications.maharashtra.gov.in पोर्टल को सक्रिय करने का फैसला किया है। इस पोर्टल के माध्यम से सरकारी प्रकाशनों की ऑनलाइन बिक्री और होम डिलीवरी की सुविधा दी जाएगी।

यह पहल सरकारी प्रिंटिंग, स्टेशनरी और प्रकाशन निदेशालय के अधीन कार्यरत सरकारी पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण का हिस्सा है। वर्तमान में, सरकारी प्रकाशन केवल सरकारी पुस्तक डिपो और पुस्तक मेले में ऑफलाइन नकद लेनदेन के जरिए ही उपलब्ध होते हैं। निजी प्रकाशक ऑनलाइन बिक्री और गृह वितरण की सेवा प्रदान करते हैं, लेकिन राज्य सरकार के प्रकाशनों के लिए ऐसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी।

नई प्रणाली इस अंतर को पाटते हुए सरकारी प्रकाशनों को ऑनलाइन खरीदने एवं पूरे देश में डिलीवरी की सुविधा प्रदान करेगी।

शुरुआत में यह सेवा मुंबई के सरकारी पुस्तक डिपो के माध्यम से पायलट आधार पर शुरू की जाएगी। सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, यह पोर्टल पूरे भारत में ऑनलाइन बिक्री और डिलीवरी का समर्थन करेगा, साथ ही प्रत्यक्ष काउंटर और प्रदर्शनी बिक्री की सुविधा भी उपलब्ध कराएगा।

पुणे, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर के सरकारी प्रिंटिंग प्रेस और पुस्तक डिपो प्रारंभिक चरण में इसी प्लेटफॉर्म द्वारा काउंटर और प्रदर्शनी बिक्री जारी रखेंगे।

महाIT कॉरपोरेशन लिमिटेड इस एप्लीकेशन को विकसित करेगा, जबकि सरकारी प्रिंटिंग, स्टेशनरी और प्रकाशन निदेशालय में दो कंप्यूटर ऑपरेटर 24×7 तैनात रहेंगे ताकि प्रणाली का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

होम डिलीवरी के लिए डाक शुल्क प्रकाशन के वजन और डिलीवरी दूरी के आधार पर निर्धारित किया जाएगा। इंडिया पोस्ट हर महीने के 10 तारीख तक अग्रिम महीने के लिए डाक शुल्क का बिल जारी करेगा, और सरकार आगंतुकों से प्राप्त डिलीवरी शुल्क के आधार पर डाक विभाग को भुगतान करेगी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह पहल सरकारी प्रकाशनों को नागरिकों के लिए अधिक पारदर्शी, तकनीक-संचालित एवं प्रभावी वितरण प्रणाली के माध्यम से सुलभ बनाने हेतु है।

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By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)