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भारतीय पोलो संघ के लिए कोई अंतरिम राहत नहीं, सरकार ने मैदान का कब्जा बरकरार रखा

No interim relief for Indian Polo Association, Government keeps possession of the ground

भारतीय पोलो संघ को राहत से वंचित, सरकारी कब्जा जारी

नई दिल्ली: भारतीय पोलो संघ (Indian Polo Association) को अदालत से कोई अंतरिम राहत नहीं मिल सकी है, जिससे सरकार ने संबंधित मैदान पर अपना कब्जा कायम रखा है। इस विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच चल रही कानूनी लड़ाई में अभी भी समाधान नहीं निकला है।

मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने संघ की मांगों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि फिलहाल पूरे मामले की जांच और तथ्यात्मक स्थिति सामने आने तक मैदान सरकार के अधीन रहेगा। सरकार के अधिकारी इस मैदान को सार्वजनिक हित में रखा जाना आवश्यक मान रहे हैं।

भारतीय पोलो संघ ने दावा है कि उक्त मैदान उनकी आजीविका का महत्वपूर्ण संसाधन है और उनका प्रशासनिक अधिकार मान्यता प्राप्त है। उन्होंने इस मैदान को लौटाने हेतु न्यायालय से तुरंत हलफनामा प्रस्तुत कर राहत की गुहार लगाई थी। हालांकि, अदालत ने इस अपील पर फिलहाल रोक नहीं लगाई।

इस विवाद का इतिहास काफी पुराना है, जहां पोलो संघ और सरकारी एजेंसियों के बीच उनके मैदान के उपयोग को लेकर कई वर्षों से गतिरोध रहा है। मैदान के कब्जे को लेकर स्थानीय प्रशासन और पोलो संघ के बीच गतिरोध लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे खेल एवं संबंधित गतिविधियों पर असर पड़ा है।

पिछले कुछ वर्षों में भारतीय पोलो संघ ने खेल के प्रचार-प्रसार व सुधार हेतु कई पहल की हैं, और इस मैदान को लेकर उनके अधिकारों की बहाली को अत्यंत आवश्यक बताया है। वहीं सरकार का कहना है कि मैदान को सरकारी प्राधिकरण की अनुमति के बिना उपयोग नहीं किया जा सकता।

वर्तमान स्थिति में, विवाद तेजी से सुलझने की संभावना कम दिख रही है। कानूनी प्रक्रिया और संबंधित पक्षों के बीच वार्ता के आधार पर ही समाधान समुचित होगा। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि जल्द से जल्द मैदान के उपयोग को लेकर स्पष्ट नीति बननी चाहिए, ताकि खेल गतिविधियाँ पुनः सुचारू रूप से संचालित हो सकें।

इस मामले में आगे की कानूनी सुनवाई और दोनों पक्षों के बीच संवाद की आवश्यकता बनी हुई है, जिससे भारतीय पोलो संघ के लिए स्थायी समाधान उपलब्ध हो सके।

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By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)