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प्रत्येक वैधानिक निकाय को सरकार की शाखा मानने की प्रवृत्ति: दिल्ली उच्च न्यायालय ने वन्यजीव पैनल पर केंद्र को लगाई फटकार

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Jul 10, 2026 #Cities, #Delhi, #source
‘Tendency to treat every statutory body as an extension of govt arm’: Delhi High Court pulls up Centre during hearing on wildlife panel

प्रत्येक वैधानिक निकाय को सरकार की शाखा मानने की प्रवृत्ति पर दिल्ली उच्च न्यायालय की सख्त चेतावनी

दिल्ली उच्च न्यायालय ने हाल ही में केंद्र सरकार को वन्यजीव संरक्षण के एक पैनल के संदर्भ में कड़ी फटकार लगाई है। न्यायालय ने कहा कि यह प्रवृत्ति कि हर वैधानिक निकाय को सरकार के एक विस्तार या अंग के रूप में देखा जाए, उचित नहीं है। ऐसा करना संस्थागत स्वतंत्रता और न्यायिक संप्रभुता के सिद्धांतों के खिलाफ है।

यह मामला केंद्र और वन्यजीव विशेषज्ञों द्वारा गठित एक सलाहकार पैनल के कार्यों को लेकर उभरा। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सरकारी निकायों को अपने अधिकार क्षेत्र का सम्मान करना चाहिए और स्वतंत्र पैनलों के फैसलों में सरकार के हस्तक्षेप की सीमाएं निर्धारित करनी चाहिए।

न्यायालय के इस आदेश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वन्यजीव संरक्षण जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में विशेषज्ञ समितियों को बिना सरकारी दबाव के स्वतंत्र निर्णय लेने की आज़ादी मिले। इससे नीतिगत निर्माण अधिक पारदर्शी और विशेषज्ञोचित होगा, जो पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है।

इस निर्णय के पूर्व में, कई वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण समितियों ने अपनी स्वतंत्रता सुरक्षित रखने को चुनौतीपूर्ण बताया है क्योंकि सरकार की ओर से लगातार हस्तक्षेप होते रहे हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने इन चुनौतियों का जिक्र करते हुए, अधिकारियों को सतर्क रहने और संस्थागत स्वायत्तता का सम्मान करने का निर्देश दिया।

इस मामले की पृष्ठभूमि में पर्यावरण संरक्षण की बढ़ती मांग और सरकारी निर्णयों में पारदर्शिता और स्वतंत्रता का सवाल प्रमुख रूप से उभरा है। न्यायालय ने यह भी कहा कि केवल कानूनी रूप से गठित निकायों का सम्मान करना आवश्यक नहीं, बल्कि उनकी स्वायत्तता की भी रक्षा करना आवश्यक है।

इस प्रकार, दिल्ली उच्च न्यायालय की यह टिप्पणी सरकार के लिए एक चेतावनी है कि वे स्वायत्त निकायों को दबाने या नियंत्रित करने की प्रवृत्ति से बचें और उन्हें अपने कर्तव्यों का स्वतंत्रतापूर्वक पालन करने की अनुमति दें। यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में शासन और न्याय की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)