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तिहाड़ से रोहिणी जेल तक: भीड़ कम करने के लिए दिल्ली सरकार 48 शहरी गांवों में जमीन तलाश रही है

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Jul 9, 2026 #Cities, #Delhi, #source
From Tihar to Rohini prisons: To decongest, Delhi government looks for land in 48 urban villages

तिहाड़ से रोहिणी जेल तक: दिल्ली सरकार ने जेलों की भीड़ घटाने के लिए शहरी गांवों में जमीन खोजने की पहल की

दिल्ली सरकार ने तिहाड़ और रोहिणी जेलों की भीड़ को कम करने के लिए राजधानी के 48 शहरी गांवों में अतिरिक्त भूमि तलाशने की योजना बनाई है। इस कदम का उद्देश्य जेल परिसर में कैदियों की संख्या नियंत्रित करना और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

राजधानी में जेलों का भीड़ बढ़ना एक गंभीर समस्या बन चुकी है, जिससे कैदियों की सुरक्षा और जेल प्रशासन की सुविधा प्रभावित हो रही है। तिहाड़ जेल, जो देश की सबसे बड़ी जेल है, में कैदियों की संख्या क़ानूनी सीमा से कहीं अधिक है। इस स्थिति में सुधार लाने के लिए दिल्ली सरकार ने अतिरिक्त जेल परिसर बनाना आवश्यक समझा है।

इस संदर्भ में, सरकार ने उन शहरी गांवों की सूची बनाई है जहां जमीन उपलब्ध हो सकती है। 48 ऐसे गांवों को चुना गया है जो राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में हैं और जहां कार्यालयीन व अन्य योजनाओं के अतिरिक्त सरकारी भूमि या मानवीय परियोजनाओं के लिए स्थान उपलब्ध है।

सरकार का उद्देश्य है कि इन गांवों में उपयुक्त स्थानों पर नई जेल सुविधाएं विकसित की जाएं ताकि कैदियों की संख्या को उचित ढंग से बांटा जा सके। इससे न केवल जेलों में भीड़ कम होगी, बल्कि उनकी सुरक्षा और प्रबंधन की गुणवत्ता भी बढ़ेगी।

इस पहल को लेकर विशेषज्ञों ने कहा है कि कैदियों के पुनर्वास और जेल व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक संसाधनों का प्रबंध समय की मांग है। साथ ही, नई जेलों का निर्माण सामाजिक दृष्टिकोण से भी सकारात्मक कदम होगा, क्योंकि इससे अपराध नियंत्रण व्यवस्था सुदृढ़ होगी।

इस योजना के तहत, सरकार ने जेल विभाग और स्थानीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द उपयुक्त जमीन की पहचान कर प्रशासन को सूचित करें। साथ ही, भूमि अधिग्रहण और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाया जाएगा।

दरअसल, दिल्ली की बढ़ती जनसंख्या और अपराध दर को देखते हुए जेलों का विस्तार अपरिहार्य हो गया है। इस पहल के सफल क्रियान्वयन से न केवल कैदियों की जीवनशैली में सुधार होगा बल्कि जेल परिसर की सामान्य कार्यप्रणाली भी बेहतर होगी।

अतः, तिहाड़ से रोहिणी तक की इस भूमि खोज योजना का लक्ष्य जेल व्यवस्था में समग्रता और स्थिरता लाना है, जिससे दिल्ली की कैदियों की सुरक्षा, पुनर्वास और जेल प्रशासन की दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हो सके।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)