मुंबई में पेड़ सुरक्षा को लेकर बीएमसी पैनल ने दिए चार प्रमुख सुझाव
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) द्वारा गठित एक समिति ने शहर में पेड़ों की रक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चार महत्वपूर्ण सुधार प्रस्तावित किए हैं। यह पहल इस बात को सुनिश्चित करने के लिए की गई है कि नगर निगम के अधीन विभिन्न अवसंरचना परियोजनाओं के दौरान पेड़ों को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। समिति ने ठेकेदारों और नगर निगम विभागों को जिम्मेदार ठहराने की सिफारिश की है ताकि निर्माण कार्यों के दौरान पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, वैज्ञानिक तरीके से पेड़ों की जड़ों की निगरानी और विशेषज्ञ अरबोरिस्ट की भागीदारी को अनिवार्य करने पर भी जोर दिया गया है। बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े द्वारा गठित यह समिति, कई पेड़ गिरने की घटनाओं के तुरंत बाद बनाई गई थी। इनमें से सबसे दुखद घटना 30 जून को चेम्बुर में हुई, जहां एक पेड़ गिरने से 11 वर्षीय छात्र की मृत्यु हो गई। इसी संदर्भ में समिति को आठ दिनों के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। नगर निगम सूत्रों के अनुसार, यह रिपोर्ट 9 जुलाई को अतिरिक्त आयुक्त के कार्यालय में जमा कराई गई। समिति द्वारा सुझाए गए प्रमुख बदलाव निम्नलिखित हैं:- सभी भविष्य के नगर निगम परियोजनाओं के टेंडरों में विशेष शर्तें जोड़ना, जो ठेकेदार और संबंधित विभाग दोनों को पेड़ संरक्षण के लिए जिम्मेदार बनाएंगी।
- सड़क निर्माण या यूटिलिटी प्रोजेक्ट्स शुरू करने से पहले वैज्ञानिक मूल्यांकन कराए जाना, जिससे पेड़ों की जड़ों पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन हो सके।
- परियोजनाओं में अरबोरिस्ट और पेड़ रोग विशेषज्ञों की निगरानी को अनिवार्य करना, ताकि निर्माण प्रक्रियाओं में आवश्यकतानुसार बदलाव सुझाए जा सकें।
- ‘वृक्ष मित्र’ नामक एक नई कार्यक्रम की शुरुआत करना, जिसके तहत संगठन, नागरिक और स्वयंसेवक मिलकर मुंबई के शहरी पेड़ों की देखभाल और संरक्षण कर सकें।

