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महाराष्ट्र ने समान नागरिक संहिता मसौदे को तैयार करने के लिए सात सदस्यों की समिति गठित की

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Jul 10, 2026 #amesh, #source
Maharashtra forms seven-member panel to prepare Uniform Civil Code draft

महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए एक सात सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में काम करेगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को विधानसभा में इस बात की सूचना दी।

रंजनाबाई देसाई ने पहले भी उत्तराखंड और गुजरात में समान नागरिक संहिता के मसौदों को तैयार करने वाली समितियों की अध्यक्षता की है। महाराष्ट्र सरकार इस मसौदे को छह माह के भीतर तैयार करने और इसे शीतकालीन सत्र में विधानसभा में पेश करने की योजना बना रही है।

समिति के अन्य सदस्यों में पूर्व बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश आरसी चव्हाण और एसजी मेहरे, पूर्व मुख्य सचिव डीके जैन, पूर्व अधिवक्ता जनरल वीरेन्द्र सारफ, संवैधानिक विशेषज्ञ रamesh पाटंगे तथा शिक्षाविद सुवर्णा रावल शामिल हैं।

समान नागरिक संहिता सभी नागरिकों के विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और दत्तक ग्रहण संबंधी मामलों के लिए एक समान विधिक रूपरेखा प्रदान करने का प्रयास है। वर्तमान में, विभिन्न धार्मिक समुदायों के निजी विधि मामलों को उनकी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित अलग-अलग कानूनों के अनुसार संचालित किया जाता है।

भाजपा सरकार के लिए समान नागरिक संहिता लागू करना समय से पूर्व से एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। पार्टी शासित कई राज्यों ने इस दिशा में प्रगति की है। जनवरी 2025 में भाजपा शासित उत्तराखंड स्वतंत्रता के बाद पहला राज्य बना जिसने यूसीसी को लागू किया। इसी प्रकार, मार्च में गुजरात विधानसभा ने भी इसी तरह का विधेयक पारित किया था, हालांकि इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी हुए।

महाराष्ट्र की यह नई पहल राज्य में सामाजिक न्याय और समानता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई करेगी।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)