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Sir: नए वोटर के लिए बदले नियम

मतदाता सूची में पहली बार नाम जुड़वाने वाले नए मतदाताओं के लिए चुनाव आयोग ने ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया में नया प्रविधान लागू किया है। अब फॉर्म-6 भरने वाले आवेदकों को अपने माता-पिता की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी। यदि ऑनलाइन आवेदन के दौरान यह घोषणा-पत्र नहीं भरा जाता, तो आवेदन आगे नहीं बढ़ सकेगा।आयोग के अनुसार, यदि माता-पिता पिछली एसआईआर प्रक्रिया में शामिल रहे हैं तो आवेदक को उनके विधानसभा क्षेत्र, पोलिंग बूथ (पार्ट नंबर) और मतदाता सूची में दर्ज क्रमांक की जानकारी देनी होगी। यदि वे एसआईआर में शामिल नहीं थे तो इसका विकल्प चुनते हुए उनके नाम और यदि उपलब्ध हों, तो ईपीआईसी नंबर दर्ज करने होंगे। पीटीआई के अनुसार, चुनाव आयोग का कहना है कि इससे नए मतदाताओं की पहचान सत्यापित करने में आसानी होगी और कई मामलों में अतिरिक्त दस्तावेजों की जरूरत भी कम पड़ेगी। आयोग ने यह भी दोहराया कि एसआईआर का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को शामिल करना और मृत, डुप्लीकेट, स्थानांतरित या विदेशी मतदाताओं के नाम हटाना है।

हालांकि, इस नई व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों का कहना है कि फॉर्म-6, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम और मतदाता पंजीकरण नियमों के तहत निर्धारित प्रारूप का हिस्सा है। ऐसे में इसमें बदलाव के लिए केंद्र सरकार की अधिसूचना और राजपत्र (गजट) में संशोधन आवश्यक होता है। अब तक ऐसा कोई संशोधन सार्वजनिक रूप से जारी नहीं हुआ है।इसी बीच संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूतों ने भी एसआईआर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर चिंता जताई है, जिसे चुनाव आयोग ने खारिज करते हुए पूरी प्रक्रिया को संवैधानिक और पारदर्शी बताया है।

अब पहली बार वोटर बनने के लिए ऑनलाइन फार्म-6 भरने वाले हर आवेदक को यह बताना होगा कि उसके माता-पिता पिछली एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया में शामिल थे या नहीं। यह जानकारी दिए बिना ऑनलाइन आवेदन पूरा नहीं होगा।आवेदक को उनके विधानसभा क्षेत्र का नंबर, पोलिंग बूथ (पार्ट नंबर) और मतदाता सूची में दर्ज क्रमांक (सीरियल नंबर) भरना होगा।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )