मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली की 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों को संपत्ति अधिकार दिलाने की प्रक्रिया तेज करने के लिए केंद्र सरकार से 100 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मांगी है। उन्होंने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि शहरी विकास कोष से पहले चरण में यह राशि उपलब्ध कराई जाए। प्रस्तावित धनराशि से डिजिटल सर्वे, जिला स्तर पर पीएम-उदय प्रकोष्ठ की स्थापना और जनजागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि संपत्ति अधिकार देने की प्रक्रिया समयबद्ध, पारदर्शी और तकनीक आधारित बन सके।मुख्यमंत्री ने पत्र में बताया है कि छह अप्रैल 2026 को अधिसूचित संशोधित पीएम-उदय विनियमों के बाद अनधिकृत कॉलोनियों में संपत्ति अधिकार देने की प्रक्रिया को नया कानूनी आधार मिला है।
अब मौजूदा स्थिति के आधार पर कॉलोनियों के नियमितीकरण की व्यवस्था लागू होने से लोगों के लिए संपत्ति अधिकार प्राप्त करना पहले की तुलना में अधिक आसान होगा। सरकार का कहना है कि वित्तीय सहायता मिलने पर इस व्यवस्था को तेजी से लागू किया जा सकेगा और पात्र परिवारों को निर्धारित समय में लाभ मिलेगा।राजस्व विभाग को इस योजना का नोडल विभाग बनाया गया है। सरकार का दावा है कि आवश्यक संस्थागत ढांचा पहले ही अधिसूचित किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने केंद्र से जल्द मंजूरी देने की अपील करते हुए कहा कि समय पर धनराशि मिलने से लाखों परिवारों को संपत्ति अधिकार से जुड़े लाभ शीघ्र मिल सकेंगे।

