चेंबूर पेड़ गिरने की घटना के बाद ठेकेदार और विभागों की जवाबदेही तय करने की अनुशंसा
चेंबूर में पिछले महीने हुई एक दुखद घटना में 11 वर्षीय छात्र विहान श्रीवास्तव की मौत के बाद बीएमसी द्वारा गठित जांच समिति ने ठेकेदारों और संबंधित विभागों को पेड़ों की जड़ों का संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार ठहराने की सिफारिश की है। यह रिपोर्ट शुक्रवार को नगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिदे को प्रस्तुत की गई।
जांच रिपोर्ट में प्रस्तावित है कि भविष्य में बीएमसी के सभी निविदा दस्तावेजों में पेड़ों, विशेषकर उनकी जड़ों की सुरक्षा की जिम्मेदारी को अनिवार्य शर्त बनाया जाए। साथ ही सड़क, उपयोगिता और अन्य बुनियादी ढांचे के कार्यों से पहले पेड़ों की जड़ों पर प्रभाव का वैज्ञानिक मूल्यांकन जरूरी किया जाए। इसके लिए प्रमाणित वृक्ष विशेषज्ञ और सर्जनों की तैनाती भी आवश्यक होगी।
यह सिफारिशें 30 जून की उस घटना के बाद आई हैं, जब चेंबूर में पीपल का पेड़ गिरा और स्कूल बस पर आ गिरा, जिससे कक्षा छठी के छात्र विहान श्रीवास्तव की मृत्यु हो गई तथा चार अन्य बच्चे घायल हो गए। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि पेड़ की मुख्य जड़े कमजोर हो गई थीं। इसके परिणामस्वरूप बीएमसी ने तीन इंजीनियरों को निलंबित कर दिया और दो सदस्यों की एक जांच समिति नियुक्त की।
समिति ने “वृक्षमित्र” पहल शुरू करने का भी सुझाव दिया है, जिसके तहत आवासीय सोसाइटियों, गैर-सरकारी संगठनों और स्थानीय निवासियों को वृक्ष स्वास्थ्य की निगरानी करने और संभावित खतरों की सूचना देने की प्रोत्साहना की जाएगी।
रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2023 से मार्च 2026 के बीच बीएमसी ने पेड़ की जड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले कार्यों के लिए 428 नोटिस जारी किए, जबकि इस अवधि में 2,615 पेड़ों को जड़ क्षति हुई पाई गई। इस मॉनसून में पेड़ गिरने की घटनाओं में तेज़ी आई है; जुलाई के पहले सप्ताह में अकेले लगभग 1,200 पेड़ और शाखाएं गिर चुकी हैं।
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