सभी स्कूलों में केवल उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) से मान्यता प्राप्त पुस्तकों से ही पढ़ाई कराई जाएगी। इसके साथ ही छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण और विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम भी अनिवार्य किया गया है। शासन के इस फैसले का लाभ गौतमबुद्ध नगर जिले के सरकारी और निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों को मिलेगा। विभाग का मानना है कि मान्यता प्राप्त पुस्तकों के उपयोग से विद्यार्थियों को तय पाठ्यक्रम के अनुसार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी और अप्रमाणित अध्ययन सामग्री के इस्तेमाल पर रोक लगेगी।सभी विद्यालयों में स्वास्थ्य शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी-नई व्यवस्था के तहत राजकीय और परिषदीय विद्यालयों की छात्राओं को आत्मरक्षा का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। राजकीय विद्यालयों में रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित होंगे, जबकि कंपोजिट विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा शिक्षक (पीटीआई) छात्राओं को आत्मरक्षा के तरीके सिखाएंगे।
इससे छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे विपरीत परिस्थितियों का सामना करने के लिए सक्षम बनेंगी। इसके अलावा सभी विद्यालयों में स्वास्थ्य शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वच्छता, संतुलित पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया जाएगा। विभाग का उद्देश्य बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास को मजबूत करना

