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मुंबई लोकल समाचार: 89% ट्रेन कोच बिना सीसीटीवी के, 93% में आपातकालीन टॉक-बैक सिस्टम की कमी

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Jul 19, 2026 #CCTV, #cpro, #GRP, #RPF, #source
Mumbai Local News: 89% of Train Coaches Without CCTV, 93% Lack Emergency Talk-Back System

मुंबई लोकल नेटवर्क में यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल: 89% जनरल कोच से CCTV गायब, 93% में आपातकालीन टॉक-बैक सिस्टम नहीं

मुंबई की उपनगरीय रेलवे यात्री सुरक्षा पिछले दो दिनों में हुई हिंसक घटनाओं के बाद फिर से चर्चा में आई है। आधिकारिक आंकड़ों से स्पष्ट हुआ है कि पश्चिमी और मध्य रेलवे की लगभग 90% जनरल कोचों में सीसीटीवी कैमरा नहीं है, जबकि 93% से अधिक कोचों में आपातकालीन टॉक-बैक सिस्टम की अनुपस्थिति यात्रियों की सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया के मुद्दे को बढ़ा रही है।

पिछले कुछ दिनों में चार अलग-अलग घटनाओं में कई यात्री घायल हुए, जिनमें महिला डिब्बे में मिर्च पाउडर का छिड़काव और कई हमले शामिल हैं। ये घटनाएँ सुरक्षा उपायों की सख्त आवश्यकता को दर्शाती हैं।

मुंबई की उपनगरीय रेलवे में रोजाना लगभग 70 लाख यात्रियों का आवागमन होता है, जिससे प्रभावी निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली अनिवार्य हो जाती है। हालांकि, वर्तमान आंकड़े सुरक्षा ढांचे में स्पष्ट खामियों को उजागर करते हैं।

मौजूदा रेल नेटवर्क में कुल 2,193 जनरल कोच हैं, जिनमें से केवल 225 कोचों में ही सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जबकि 1,968 कोच बिना किसी नजर रखे हैं। पश्चिमी रेलवे के 1,013 जनरल कोचों में 131 में ही सीसीटीवी का कोई इंतजाम है, वहीं मध्य रेलवे के 1,180 जनरल कोचों में मात्र 94 में ही कैमरे लगे हैं।

आपातकालीन टॉक-बैक सिस्टम की उपलब्धता इससे भी कम है। केवल 246 जनरल कोचों में यह सुविधा उपलब्ध है, जिससे 2,049 कोचों में सीधे ट्रेन गार्ड से संचार की व्यवस्था नहीं है।

महिला कोचों की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है। मध्य रेलवे ने अपने 794 महिला कोचों में सभी जगह सीसीटीवी और टॉक-बैक सिस्टम स्थापित किया है। पश्चिमी रेलवे में 468 महिला कोचों में से 161 में सीसीटीवी और 423 में टॉक-बैक सिस्टम मौजूद हैं।

आपातकालीन टॉक-बैक सिस्टम यात्रियों को एक बटन दबाकर ट्रेन गार्ड से संपर्क करने की सुविधा देता है, जिससे गार्ड को अलार्म और संकेत प्राप्त होता है। इसके बाद गार्ड स्थिति का आकलन कर कंट्रोल रूम, ग्रामीण रेलवे पुलिस (GRP) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) से संपर्क कर अगली स्टेशन पर सहायता सुनिश्चित करते हैं।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में सुरक्षा से जुड़े कई उपाय किए गए हैं, जिनमें रेलवे स्टेशनों पर फेसियल रिकॉग्निशन कैमरों की स्थापना भी शामिल है।

पश्चिमी रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) विनीत अभिषेक ने कहा, “यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बीते 12 वर्षों में अनेक उपाय लागू किए गए हैं। स्टेशन पर फेसियल रिकॉग्निशन कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे कई मामलों का समाधान हुआ है। हमारा स्टाफ लगातार यात्रियों की सुरक्षा के लिए काम कर रहा है। हम सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए नई तकनीकों को अपनाते रहेंगे।”

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)