डूब क्षेत्र में बिजली कटे हुए 48 घंटे से ज्यादा बीते चुके हैं। पूरे इलाके की दिनचर्या पूरी तरह बिगड़ चुकी है। सोमवार को भी लोग काम पर नहीं गए। निवासियों को काम पर जाने की नहीं बल्कि बिजली कैसे आए इसकी चिंता है। दिन तो किसी तरह कट रहा है लेकिन शाम होते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है। कब तक ऐसे रहना होगा इसका कोई रास्ता निवासियों को नहीं मिल सका है।अवैध कनेक्शन काटने की कार्रवाई विद्युत निगम ने शनिवार को शुरू की थी। इसमें चोटपुर, बहलोलपुर, पर्थला गांव समेत आसपास के अन्य क्षेत्रो की बिजली भी निगम ने काट दी थी।
जो इंफ्रास्ट्रक्चर सिंडिकेट की ओर से तैयार किया गया था, उससे संबंधित बिजली के तार, ट्रांसफार्मर और अन्य उपकरण भी जब्त करके निगम की टीम ले गई है। क्षेत्र के रहने वाले राहुल सिंह ने बताया उनकी पगार 17 हजार रुपये है। छह साल पहले यहां पर आए थे। अब परिवार में पांच सदस्य भी हैं। दो दिन हो गए हैं काम पर गए हुए। लगातार बिजलीघर और अधिकारियों के चक्कर काटते हुए समय कट रहा है। बहलाेलपुर की रहने वाली ललिता का भी यही सवाल है कि बिजली कब आएगी। घर में खाना बनना भी दुश्वार हो गया है। बच्चों को रिश्तेदारों के घर भेज दिया गया है

