दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद विधानसभा-वार नाम बाहर होने की तस्वीर सामने आ गई है। संख्या के लिहाज से बुराड़ी सबसे ऊपर है। यहां 4,28,480 मतदाताओं में से 2,59,810 के सत्यापन प्रपत्र डिजिटलीकृत हुए।
इसके आधार पर 1,68,670 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो सके। ओखला दूसरे स्थान पर रहा, जहां 3,62,813 मतदाताओं में से 1,64,451 के नाम ड्राफ्ट से बाहर हैं। दोनों विधानसभा क्षेत्रों में नाम बाहर होने की संख्या में सिर्फ 4,219 का अंतर है।बदरपुर में 1,47,088 और विकासपुरी में 1,46,511 नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं पहुंचे। इसके अलावा मटियाला में 1,05,835 और मुस्तफाबाद में 80,891 मतदाताओं के नाम शामिल नहीं हुए। आंकड़े बताते हैं कि बड़ी मतदाता संख्या वाले विधानसभा क्षेत्रों में ही सबसे ज्यादा नाम बाहर नहीं हुए हैं।
बदरपुर में 1,47,088 और विकासपुरी में 1,46,511 नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं पहुंचे। इसके अलावा मटियाला में 1,05,835 और मुस्तफाबाद में 80,891 मतदाताओं के नाम शामिल नहीं हुए। आंकड़े बताते हैं कि बड़ी मतदाता संख्या वाले विधानसभा क्षेत्रों में ही सबसे ज्यादा नाम बाहर नहीं हुए हैं।
कई विधानसभा क्षेत्रों में 80 फीसदी या उससे अधिक सत्यापन प्रपत्र डिजिटलीकृत हुए। रोहिणी में 83.43 फीसदी, शकूरबस्ती में 81.26 फीसदी और राजौरी गार्डन में 79.14 फीसदी प्रपत्र डिजिटलीकृत हुए। मंगोलपुरी में यह आंकड़ा 78.76 और उत्तम नगर में 77.76 फीसदी रहा। इससे इन क्षेत्रों में ड्राफ्ट सूची से बाहर रहने वाले मतदाताओं का अनुपात अपेक्षाकृत कम है।बुराड़ी में 39.36 फीसदी नाम ड्राफ्ट से बाहरतुगलकाबाद में 47.85 फीसदी मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं पहुंचे। 1,92,419 मतदाताओं में से 1,00,345 के सत्यापन प्रपत्र डिजिटलीकृत हुए, जबकि 92,074 नाम बाहर रहे। ओखला में 45.33 फीसदी और बुराड़ी में 39.36 फीसदी नाम ड्राफ्ट से बाहर हैं। इस तरह संख्या में बुराड़ी, जबकि अनुपात में तुगलकाबाद सबसे आगे है।बदरपुर और विकासपुरी में भी डेढ़ लाख के करीब नाम बाहरनाम बाहर होने की संख्या में बदरपुर तीसरे और विकासपुरी चौथे स्थान पर हैं। बदरपुर में 3,44,677 में से 1,97,589 प्रपत्र डिजिटलीकृत हुए और 1,47,088 नाम ड्राफ्ट में नहीं पहुंचे। विकासपुरी में 4,21,792 में से 2,75,281 प्रपत्र डिजिटलीकृत हुए, जबकि 1,46,511 नाम बाहर रहे। मटियाला में 1,05,835 और मुस्तफाबाद में 80,891 नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं पहुंचे।

