सेक्टर-104 हाजीपुर तिराहे पर खड़े निर्माणाधीन मॉल की इमारत पर शुक्रवार को नोएडा प्राधिकरण का बुलडोजर चला। अवैध निर्माण व अतिक्रमण के आधार पर प्राधिकरण ने इमारत सील कर दी थी। करीब 4 घंटे तक प्राधिकरण की टीम तीन जेसीबी और ग्रिल मशीन व अन्य तरीकों से तोड़फोड़ की। इसके बाद इमारत के अवैध होने और नोएडा संपत्ति लिखकर टीमें लौट गईं। इसके पहले 2022 से प्राधिकरण की टीम यहां अवैध निर्माण रुकवाने पहुंची थी। जब टीम को विरोध का सामना करना पड़ा था। वहीं जुलाई 2024 में कार्रवाई करने पहुंची प्राधिकरण की टीम पर हमला भी हुआ था
प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक अवैध निर्माण हाजीपुर के खसरा संख्या-412 पर किया गया था। खसरे की करीब 3600 वर्गमीटर जमीन हैं। प्राधिकरण का पक्ष है कि जमीन को अधिग्रहित कर मुआवजा भी दिया जा चुका है। इसमें से करीब 1200 वर्गमीटर जमीन पर निर्माण कर डब्ल्यू मॉल बनाया जा रहा था। वर्ष 2022 से निर्माण शुरू होने के साथ प्राधिकरण ने काम रुकवाने की कवायद शुरू की थी। हालांकि निर्माण करने वाले प्राधिकरण की नोटिस और सीलिंग की परवाह किए गए इमारत बनवाते रहे। पहली बार प्राधिकरण की तरफ से की गई सील की परवाह भी नहीं की गई। सील तोड़कर निर्माण में प्राधिकरण ने प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए प्राधिकरण की तरफ से 17 अगस्त 2022, 9 सितंबर 2023, 9 अक्तूबर 2023, 29 नवंबर 2023, 12 जनवरी 2024, 19 मार्च 2024, 3 जुलाई 2024 को सेक्टर-39 थाने में शिकायत दी गई थी। इसमें हमले की घटना में प्राथमिकी भी दर्ज हुई थी।प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक निश्याम बिल्डकान प्राइवेट लिमिटेड और हिमश्री हिमालय बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से निर्माण कराया जा जा रहा था। इसी पक्ष ने प्राधिकरण की कार्रवाई से बचने के लिए जिला स्तर पर कोर्ट का रुख किया था। जिसमें पहले स्टे हासिल किया हालांकि बाद में हुई सुनवाई में फैसला नोएडा प्राधिकरण के पक्ष में आया था। शुक्रवार को तोड़फोड़ के दौरान मौके पर प्राधिकरण के ओएसडी हर्षिता तिवारी, इंदु प्रकाश सिंह, जीएम एके अरोड़ा, वर्क सर्किल-8 के प्रभारी रोहित सिंह व अन्य अधिकारी इंजीनियर मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

