महाराष्ट्र में कम बारिश के कारण सूखे जैसी स्थिति पैदा हो गई है। इस मुद्दे पर राज्य की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। शरद पवार की मांग के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि मुश्किल वक्त में सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए तंज भी कसा। शिंदे ने कहा कि वह आलोचकों को अपनी बातों से नहीं, बल्कि काम करके जवाब देंगे।
कम बारिश से किसानों की फसलों पर संकट
सतारा: महाराष्ट्र में बारिश की कमी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य के कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। खेतों में खड़ी फसलों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है, जिसके चलते उनके बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है।
इस गंभीर परिस्थिति के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किसानों को राहत पहुंचाने का आश्वासन दिया है। हाल ही में वह अपने पैतृक गांव दारे पहुंचे, जहां उन्होंने बारिश की कमी और सूखे से पैदा हुए हालात का जायजा लिया।
किसानों की परेशानियों को देखते हुए शिंदे ने स्पष्ट किया कि सरकार इस संकट के दौरान उन्हें अकेला नहीं छोड़ेगी और हर संभव मदद उपलब्ध कराने के लिए उनके साथ खड़ी रहेगी।
शरद पवार ने की सूखा घोषित करने की मांग
इससे पहले शरद पवार ने भी महाराष्ट्र में तत्काल सूखा घोषित करने की मांग उठाई थी। वहीं, शिंदे ने स्वीकार किया कि विदर्भ और मराठवाड़ा के कई इलाकों में पानी की कमी के कारण खेतों में खड़ी फसलें सूखकर खराब हो गई हैं।
उन्होंने बताया कि फसलों को हुए नुकसान का सही आकलन किया जा रहा है। इसके पूरा होते ही प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता वितरित की जाएगी। सरकार लगातार हालात पर नजर रख रही है, ताकि संकट से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।
विरोधियों पर शिंदे का तंज
सूखे के मुद्दे पर विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देते हुए एकनाथ शिंदे ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि आलोचकों को जवाब देने के लिए वह बयानबाजी के बजाय अपने काम पर ध्यान देंगे।
शिंदे ने विरोधियों के ‘पेट दर्द’ पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अब उनके इलाज के लिए जमालगोटा ही बचा है। इस बयान के जरिए उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधा।

