ग्रेटर नोएडा की अदालत ने रोबिन सिंह हत्याकांड में तीन सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, सबूत मिटाने के मामले में बागपत के रहने वाले मनीष को 5 साल जेल की सजा और 1 हजार रुपये का जुर्माना दिया गया है।
मामला फरवरी 2022 का है। 22 साल के रोबिन सिंह के अचानक लापता होने के बाद उनके पिता ने सूरजपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को रोबिन की हत्या किए जाने का शक हुआ। इसके बाद पुलिस ने केस को हत्या की धाराओं में दर्ज कर जांच शुरू की।
शादी के बाद भी युवती को परेशान करने का आरोप
पुलिस जांच के मुताबिक, रोबिन का गांव की एक युवती से पहले प्रेम संबंध था। युवती की 2019 में शादी हो चुकी थी। आरोप है कि शादी के बाद भी रोबिन उसे परेशान करता था। युवती ने इसकी जानकारी अपने परिवार वालों को दी थी।
मायके बुलाया, फिर हत्या का आरोप
पुलिस के अनुसार, 27 फरवरी को युवती ने रोबिन को पाली स्थित अपने मायके बुलाया था। वहां उसके भाई सुबोध, सागर और रवि पहले से मौजूद थे। आरोप है कि तीनों ने मिलकर रोबिन का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने शव की पहचान छिपाने की कोशिश की और उसे कोट नहर में फेंक दिया। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने तीनों भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं, सबूत मिटाने के आरोपी मनीष को 5 साल की जेल और 1 हजार रुपये जुर्माने की सजा मिली।

