ग्रेटर नोएडा में चल रहे विकास कार्यों की बेहतर निगरानी के लिए प्राधिकरण प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) बनाने की तैयारी में है। इस यूनिट में अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ होंगे, जो प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग और मॉनिटरिंग में मदद करेंगे।
95 सेक्टर और 124 गांवों पर रहेगी नजर
ग्रेटर नोएडा का इलाका लगातार बढ़ रहा है। फिलहाल यहां करीब 95 सेक्टर और 124 गांव शामिल हैं। इतने बड़े क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों पर नजर रखने के लिए इलाके को आठ वर्क सर्किल में बांटा गया है।
कई अहम कामों की होगी निगरानी
PMU के जरिए कचरा प्रबंधन, प्रदूषण, सीवरेज, खेल सुविधाओं समेत कई जरूरी परियोजनाओं पर नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही प्रॉपर्टी की बिक्री, लीज डीड और प्रोजेक्ट्स की बिडिंग से जुड़े कामों में भी विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी।
अधिकारियों और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल
नई यूनिट बनने से प्राधिकरण, अधिकारियों, ठेकेदारों और सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच तालमेल बेहतर करने में मदद मिलेगी। इससे विकास परियोजनाओं की निगरानी और उनसे जुड़े कामों को ज्यादा व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।
बेहतर प्रदर्शन पर मिल सकता है एक्सटेंशन
PMU के लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति एजेंसी के जरिए की जाएगी। यूनिट के काम की समय-समय पर समीक्षा होगी। प्रदर्शन अच्छा रहने पर इसके कार्यकाल को दो साल तक बढ़ाया जा सकता है।

