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₹6,210 करोड़ की हेरिटेज सिटी पर फिर अटका पेंच, यमुना की बाढ़ और लाइसेंस फीस बनी चिंता

मथुरा में यमुना प्राधिकरण (YEIDA) की प्रस्तावित हेरिटेज सिटी परियोजना को लेकर एक बार फिर कुछ अहम सवाल सामने आए हैं। लखनऊ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में परियोजना से जुड़े दो महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्थिति साफ करने के निर्देश दिए गए।

सबसे बड़ी चिंता हेरिटेज सिटी की प्रस्तावित जगह पर यमुना की बाढ़ के खतरे को लेकर है। हाल की बारिश के दौरान यमुना का जलस्तर बढ़ने से परियोजना के प्रस्तावित क्षेत्र के कुछ हिस्सों में पानी भर गया था। अब सिंचाई विभाग से इस पूरे इलाके का बाढ़ संबंधी आकलन कराने को कहा गया है।

इसके साथ ही परियोजना में लाइसेंस फीस को लेकर भी तस्वीर साफ नहीं है। समिति ने इस मुद्दे पर वित्त विभाग से राय लेने और इसके बाद संशोधित प्रस्ताव दोबारा पेश करने के निर्देश दिए हैं।

750 एकड़ में विकसित होगी हेरिटेज सिटी

राया अर्बन सेंटर के तहत प्रस्तावित इस हेरिटेज सिटी को करीब 750 एकड़ क्षेत्र में विकसित करने की योजना है। परियोजना की अनुमानित लागत ₹6,210 करोड़ है। इसे NH-44 से यमुना एक्सप्रेसवे के बीच करीब 15.3 किलोमीटर लंबी सड़क के दोनों तरफ विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके निर्माण से जुड़ा काम राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण कर रहा है।

टेंडर से पहले बाढ़ का आकलन जरूरी

मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति ने साफ किया है कि टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाने से पहले यह पता लगाना जरूरी है कि भविष्य में यमुना की बाढ़ से परियोजना को कितना खतरा हो सकता है। इसके लिए सिंचाई विभाग की रिपोर्ट भी ली जाएगी।

परियोजना में करीब चार एकड़ का टूरिस्ट पिलग्रिम सेंटर भी प्रस्तावित है। समिति ने इसके साथ हेरिटेज सिटी के पूरे क्षेत्र को लेकर बाढ़ के संभावित प्रभाव का आकलन कराने पर जोर दिया है।

लाइसेंस फीस पर भी मांगी गई रिपोर्ट

बैठक में परियोजना के आर्थिक पहलुओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि हेरिटेज सिटी के लिए लाइसेंस फीस रखी जाएगी या नहीं। इस पर वित्त विभाग से रिपोर्ट लेने के बाद YEIDA को पहले अपने बोर्ड के सामने और फिर सचिव समिति के सामने संशोधित प्रस्ताव रखना होगा।

सचिव समिति से मंजूरी मिलने के बाद ही प्रस्ताव को प्रदेश कैबिनेट के पास भेजा जाएगा। इसके बाद PPP मॉडल के तहत परियोजना के विकासकर्ता के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। बैठक में YEIDA के CEO राकेश कुमार सिंह समेत शासन के कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)