कभी जिन छतों का इस्तेमाल केवल कपड़े सुखाने या सर्दियों की धूप सेंकने के लिए होता था, आज वही छतें गौतमबुद्धनगर के परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सूरज की रोशनी अब केवल रोशनी और गर्मी का स्रोत नहीं, बल्कि घर की बिजली की जरूरत पूरी करने का माध्यम भी बन रही है।
भारत सरकार की ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत जिले में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। योजना के प्रति नागरिकों और अधिकृत वेंडरों में उत्साह दिखाई दे रहा है और बड़ी संख्या में परिवार अपने घरों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कराने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
बिजली के खर्च में राहत, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
पीएम सूर्य घर योजना का उद्देश्य परिवारों को रूफटॉप सोलर के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ बिजली के खर्च में राहत देना है। योजना के तहत पात्र परिवारों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिल सकता है। इससे परिवारों के मासिक बजट पर बिजली के खर्च का दबाव कम होता है और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलता है।
सरकार की इस पहल से एक ओर परिवारों को अपनी छत पर बिजली पैदा करने का अवसर मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी मदद मिल रही है। सौर ऊर्जा का बढ़ता उपयोग पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
जागरूकता से बढ़ी भागीदारी, तेजी से आगे बढ़ रही प्रक्रिया
योजना के प्रति बढ़ती जागरूकता का असर जिले में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। प्रभारी परियोजना अधिकारी यूपीनेडा गौतमबुद्धनगर लवेश कुमार सिसोदिया ने बताया कि गौतमबुद्धनगर में अब तक कुल 5,822 आवेदन दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें 5,783 आवेदन आवासीय श्रेणी के हैं।
योजना का लाभ लेने के लिए नागरिकों की बढ़ती भागीदारी के बीच अब तक 5,368 मामलों में सोलर प्लांट लगाने के लिए वेंडर का चयन किया जा चुका है। इसके बाद जिले में सोलर प्लांट की स्थापना का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ा है।
अब तक 4,010 घरों की छतों पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाने का कार्य पूरा किया जा चुका है। ये आंकड़े बताते हैं कि जिले में सौर ऊर्जा को अपनाने की दिशा में नागरिकों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
हर चरण पर निगरानी से बढ़ रहा भरोसा
योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले में स्थापित किए गए सोलर प्लांट में से अब तक 3,861 प्रणालियों का निरीक्षण पूरा किया जा चुका है। इनमें से 3,621 प्रणालियों को पूर्ण स्वीकृति मिल चुकी है।
योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को मिलने वाली केंद्रीय वित्तीय सहायता भी सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। अब तक 3,555 लाभार्थियों के बैंक खातों में केंद्रीय वित्तीय सहायता (सब्सिडी) की राशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है।
सरकार की ओर से दी जा रही यह सहायता और पूरी प्रक्रिया में रखी जा रही पारदर्शिता नागरिकों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इससे लाभार्थियों को अपने घर की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कराने में आर्थिक सहयोग मिल रहा है।
आप भी बनें सूर्य घर योजना के सहयात्री
प्रभारी परियोजना अधिकारी यूपीनेडा ने जिले के अन्य नागरिकों से भी अपील की है कि वे पीएम सूर्य घर योजना के आधिकारिक राष्ट्रीय पोर्टल पर जाकर योजना की पात्रता और प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करें तथा पात्र होने पर अपना पंजीकरण कराएं।
आवेदन के लिए आधार कार्ड, उपभोक्ता नंबर सहित नवीनतम बिजली बिल, घर की रजिस्ट्री या प्रॉपर्टी टैक्स की रसीद, बैंक पासबुक या कैंसिल्ड चेक तथा आधार से लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर आवश्यक हैं।
आवेदन से स्थापना तक, सरल है प्रक्रिया
योजना के लिए आवेदन करने के लिए सबसे पहले PM Surya Ghar National Portal पर जाकर अपने राज्य, बिजली वितरण कंपनी (डिस्कॉम) और कंज्यूमर नंबर के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करना होता है। इसके बाद लॉगिन कर रूफटॉप सोलर के लिए आवेदन करना होता है और डिस्कॉम से फिजिबिलिटी अप्रूवल प्राप्त होने की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
फिजिबिलिटी अप्रूवल मिलने के बाद पोर्टल पर पंजीकृत अधिकृत वेंडर के माध्यम से घर पर सोलर प्लांट स्थापित कराया जा सकता है। इंस्टॉलेशन के बाद नेट मीटरिंग और डिस्कॉम की अंतिम जांच की प्रक्रिया पूरी होती है। इसके बाद पात्र लाभार्थी के बैंक खाते में सब्सिडी की राशि 30 से 45 दिनों में क्रेडिट की जाती है।
गौतमबुद्धनगर में पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से अब छतों का उपयोग केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं रह गया है। सौर पैनलों से सुसज्जित होती ये छतें परिवारों को बिजली के खर्च में राहत देने, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और जिले को हरित ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ाने में योगदान दे रही हैं।
सौजन्य से सूचना विभाग, गौतमबुद्धनगर।

