दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। मतदाता सूची में बदलाव यानी SIR को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। इसी बीच 15 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई होनी है। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग की है।
SIR को लेकर विपक्ष ने क्या सवाल उठाए?
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के तहत मतदाता सूची की दोबारा जांच और अपडेट किया जाता है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए या उनमें बदलाव किए गए। विपक्ष चाहता है कि इन बदलावों की स्वतंत्र जांच हो और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता रखी जाए।
सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं की याचिका पर सुनवाई होनी है। याचिका में मतदाता सूची में हुए बदलावों का ऑडिट कराने और चुनाव आयोग से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की मांग की गई है। अदालत इस मामले में चुनाव आयोग का पक्ष भी सुनेगी।
इसके अलावा, 10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन, मेट्रो स्टेशनों पर लगाए गए प्रतिबंधों और यातायात में आई रुकावटों से जुड़े मामलों पर भी सुनवाई होनी है।
CJP नेताओं की गिरफ्तारी से बढ़ा विवाद
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर भी विवाद बढ़ गया है। दोनों नेताओं के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े नियमों के उल्लंघन के आरोप हैं।
राहुल गांधी समेत विपक्ष के कुछ नेताओं ने उनकी गिरफ्तारी और हिरासत पर सवाल उठाए हैं। वहीं, पुलिस ने कार्रवाई के पीछे नियमों के उल्लंघन और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया है।
तिरंगा मार्च को लेकर भी हलचल
CJP की ओर से 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च निकालने का ऐलान किया गया है। इस कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा और यातायात की तैयारियां भी अहम रहेंगी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते रहेंगे।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और चुनाव आयोग के जवाब पर है। अदालत का रुख यह तय करने में अहम हो सकता है कि मतदाता सूची में बदलावों की जांच किस तरह आगे बढ़ेगी। वहीं, दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों और CJP के अगले कार्यक्रम को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।

