इन 14 स्थानों पर न केवल रिहायशी इमारतें बनेंगी, बल्कि कॉमर्शियल हब, अस्पताल और शॉपिंग सेंटर भी विकसित किए जाएंगे। दिल्ली एक ऐसे शहरी मॉडल की ओर बढ़ जाएगी, जहां लोगों को घर, दफ्तर, बाजार और जरूरी सुविधाओं के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इससे ट्रैफिक, प्रदूषण और यात्रा का समय कम होगा, जबकि रोजगार और कारोबार के नए मौके भी बनेंगे।
सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ाने पर फोकस
दिल्ली में निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और लोग ज्यादा से ज्यादा मेट्रो व सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करेंगे। मेट्रो स्टेशनों के 500 से 800 मीटर दायरे में घना और योजनाबद्ध विकास किया जाएगा, ताकि लोग पैदल भी अपनी मंजिल तक पहुंच सकें।
पूर्वी दिल्ली के 5 बड़े पॉइंट दायरे में
पूर्वी दिल्ली में दिलशाद गार्डन, झिलमिल ताहिरपुर, कड़कड़डूमा, प्रीत विहार और मंडावली-फाजलपुर जैसे इलाकों को नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा। दिलशाद गार्डन में रेड लाइन मेट्रो के पास खाली पड़े भूखंडों पर आधुनिक निर्माण की योजना है। झिलमिल ताहिरपुर में शॉपिंग सेंटर बनाया जाएगा, जबकि कड़कड़डूमा में ब्लू लाइन मेट्रो के पास बड़ा मिश्रित विकास प्रस्तावित है। प्रीत विहार और मंडावली में आवासीय परियोजनाओं पर जोर रहेगा।
कॉमर्शियल हब बनेगा द्वारका
द्वारका को टीओडी पॉलिसी के तहत बड़े कॉमर्शियल हब के रूप में तैयार करने की योजना है। द्वारका सेक्टर-10 और सेक्टर-12 में बड़े डिस्ट्रिक्ट सेंटर और लोकल शॉपिंग सेंटर बनाए जाएंगे। यहां मेट्रो कनेक्टिविटी के साथ आधुनिक ऑफिस, रिटेल और अन्य सुविधाएं विकसित होंगी। माना जा रहा है कि इससे द्वारका दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में शामिल हो सकता है।
सबसे बड़ा प्रोजेक्ट पीरागढ़ी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के लिए
पश्चिमी दिल्ली के पीरागढ़ी में इस योजना का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। यहां करीब 1.24 लाख वर्ग मीटर जमीन पर विशाल डिस्ट्रिक्ट सेंटर बनाया जाएगा। ग्रीन लाइन मेट्रो और आउटर रिंग रोड के पास होने के कारण ये इलाका भविष्य में पश्चिमी दिल्ली का बड़ा आर्थिक केंद्र बन सकता है। मादीपुर में अस्पताल, नर्सिंग होम और सांस्कृतिक केंद्र विकसित करने की तैयारी है। वहीं रोहतक रोड के गोल्डन पार्क इलाके में ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट लाए जाएंगे।
रोहिणी में विकास के नए रास्ते बनेंगे
रोहिणी सेक्टर-18 और 19 में भी बड़े स्तर पर आवासीय विकास होगा। यहां आधुनिक सुविधाओं से लैस ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। इन इलाकों की खास बात यह होगी कि मेट्रो स्टेशन से दूरी बेहद कम रहेगी, जिससे लोगों का रोजाना सफर आसान होगा।