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ग्रेटर नोएडा: वाहन चोरी की घटना का पर्दाफाश हुआ है पुलिस ने दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया 

थाना बादलपुर पुलिस ने वाहन चोरी की घटना का पर्दाफाश करते हुए मंगलवार को दो शातिर बाइक चोरों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक मैकेनिक और दूसरा कबाड़ी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 14 चोरी की बाइक और दो चाकू बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सैफ अली (28) निवासी जारचा और शादाब (27) निवासी दादरी के रूप में हुई है।

डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सोमवार देर रात पुलिस चौकी दुजाना क्षेत्र में गश्त पर निकली थी। पुलिस टीम जब छह प्रतिशत आबादी के पास नहर पुलिया गांव बादलपुर के निकट पहुंचकर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। तभी बादलपुर गांव की ओर से एक बाइक पर सवार दो व्यक्ति आते दिखाई दिए। पुलिस को देखते ही दोनों सकपका गए और अचानक ब्रेक मारकर वापस मुड़ते हुए भागने का प्रयास करने लगे। संदिग्ध हरकत को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए बिना समय गंवाए दोनों का पीछा किया और आवश्यक बल प्रयोग कर आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ में बाइक चालक ने अपना नाम सैफ अली और पीछे बैठे व्यक्ति ने अपना नाम शादाब बताया। दोनों की तलाशी लेने पर दो चाकू बरामद हुए।

पुलिस ने जब दोनों से बाइक के कागजात मांगे तो वह दिखाने में असमर्थ रहे। सैफ अली ने कबूल किया कि यह बाइक भी उन्होंने कुछ समय पहले चोरी की थी। पता चला कि यह वाहन नई दिल्ली में दर्ज मुकदमा से संबंधित है। दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वह लंबे समय से बाइक चोरी करते हैं। पकड़ी गई बाइक को भी बेचने की फिराक में जा रहे थे।

आरोपियों ने कई चोरी की बाइक बादलपुर गांव के पास एक सुनसान जगह पर खाली प्लॉट में छिपा रखी थी। पुलिस ने टीम ने मौके से 13 बाइक बरामद की। इनमें से कुछ वाहन दिल्ली, गाजियाबाद, दादरी, नोएडा, अमरोहा, अलीगढ़ और सोनीपत जैसे विभिन्न क्षेत्रों से चोरी किए गए थे। दो बाइक के संबंध में गाजियाबाद और थाना दादरी में मुकदमा दर्ज है। शेष बाइक के संबंध में अभी कोई मुकदमा दर्ज नहीं पाया गया।

बाजार, फैक्टरी, भीड़भाड़ एरिया से चोरी करते थे बाइकपूछताछ के दौरान पता चला है कि आरोपी सैफ अली मैकेनिक व आरोपी शादाब कबाड़ खरीदने का कार्य करता है। आरोपी दोनों रेकी कर बाइक व स्कूटी चोरी करते थे। चोरी किए गए दोपहिया वाहनों को सुनसान पड़े खाली प्लॉट में छिपा दिया करते थे। बाद में चोरी किए गए दोपहिया वाहनों को सस्ते दामों में राहगीरों को बेच दिया करते थे।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )