दिल्ली लाल किला ब्लास्ट की जांच में एक बड़ी कड़ी तब हाथ लगी, जब एजेंसियों ने आतंकी आदिल के फोन से डिलीट की गई व्हाट्सएप चैट्स को रिकवर किया। इन चैट्स में आदिल 5 से 9 सितंबर के बीच बार-बार पैसों की मांग करता हुआ दिखाई देता है। वह लगातार एडवांस सैलरी की गुहार लगा रहा था और उसकी भाषा से साफ झलकता है कि उसे रकम की बेहद जरूरत थी। एजेंसियों को शक है कि यही पैसा ब्लास्ट की योजना में इस्तेमाल हुआ हो सकता है।
फॉरेंसिक रिकवरी के बाद सामने आई चैट में आदिल कई बार अपने सीनियर से विनती कर रहा है कि उसकी सैलरी तुरंत क्रेडिट कर दी जाए। वह बार-बार यह भी बताता है कि पैसे उसी पुराने अकाउंट में भेजे जाएं। 5 सितंबर को वह लिखता है—“गुड आफ्टरनून सर… मैंने सैलरी क्रेडिट की रिक्वेस्ट की थी, पैसों की बहुत जरूरत है।” अगले दिन वह फिर आग्रह करता है कि जितना जल्दी हो सके, रकम भेज दी जाए। 7 और 9 सितंबर की चैट में उसकी बेचैनी और बढ़ जाती है, जब वह लिखता है कि उसे तुरंत पैसे चाहिए और वह लगातार मदद की गुहार लगाता रहता है।
पूछताछ में आतंकी मुज़म्मिल ने खुलासा किया कि संगठन में आदिल को ‘ट्रेज़रार’ यानी कोषाध्यक्ष की भूमिका मिली हुई थी और ब्लास्ट में इस्तेमाल हुए 26 लाख रुपये में से 8 लाख रुपये आदिल की तरफ से दिए गए थे। इसी वजह से जांच एजेंसियों को शक गहरा गया है कि चैट में मांग की गई रकम शायद धमाके की तैयारियों से सीधे जुड़ी हो।
रिकवर हुई चैट्स यह स्पष्ट करती हैं कि आदिल पैसों को लेकर असामान्य दबाव में था और लगातार वित्तीय मदद की गुहार लगा रहा था, जिससे उसके रोल और फंडिंग कनेक्शन को लेकर जांच और तेज हो गई है।

