जिला अदालत ने एक डेयरी के संचालक और पेशे से वकील अलीशेर कुरैशी को पनीर में मिलावट के जुर्म में एक लाख जुर्माना भरने की सजा सुनाई है। अभियुक्त अलीशेर कुरैशी ने अदालत में अपना जुर्म स्वीकार करते हुए दलील दी कि वह वर्तमान में वकालत करके अपना जीवन यापन कर रहे हैं। अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए अदालत से प्रार्थना की कि उन्हें कम से कम सजा और जुर्माने से दंडित किया जाए।
पंचम अपर सिविल जज अमित कुमार ने मामले के तथ्यों को देखते हुए टिप्पणी की कि अभियुक्त के संतुलित भविष्य के लिए उसे एक सभ्य व जिम्मेदार नागरिक बनकर अपना जीवन प्रारंभ करने का अवसर देना विधि सम्मत होगा। अदालत ने बुधवार को सुनाए फैसले में अभियुक्त को जेल भेजने के बजाय भारी जुर्माने और प्रतीकात्मक सजा से दंडित किया।
मानकों के विपरीत पनीर बेचने पर 80 हजार रुपये का दंड लगाया। साथ ही असुरक्षित खाद्य पदार्थ के लिए 20 हजार रुपये का दंड और अदालत उठने तक साधारण कारावास की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं जमा करने की स्थिति में अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।