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ग्रेटर नोएडा: 40 फीट की क्रेन न आई काम ,युवराज मौत केस में खुलासा

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुए सड़क हादसे के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता के पिता ने मदद के लिए 12 बजे संदेश भेजा था। यह संदेश रात 3 बजे डिलीवर हुआ। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 के निवासियों ने बताया कि यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुए सड़क हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और राहत दल को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बताया गया कि कार सड़क से लगभग 70 फीट दूर जाकर पानी में डूबी मिली। जबकि जो क्रेन मंगवाई गई थी उसकी पहुंच केवल 40 फीट तक ही हो पा रही थी। चारों ओर झाड़ियां और गहरा पानी होने के कारण बोट उतारने की भी जगह नहीं मिल सकी। कोहरे और अंधेरे की वजह से दृश्यता बेहद कम थी, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी देरी हुई। संसाधनों की कमी और तकनीकी दिक्कतों के चलते देर रात तक कार को बाहर नहीं निकाला जा सका।

बैरिकेडिंग व रिफ्लेक्टर नहीं
पुलिस को दी तहरीर में पिता ने बताया कि पुत्र की कार गहरे पानी में गिर गई थी। प्लॉट पर कोई बैरिकेडिंग व रिफ्लेक्टर नहीं था। जिसके कारण यह घटना हुई। एमजेड विशटाउन प्लॉनर और डेवलपर आर्टच डेवलपर की ओर से गंभीर लापरवाही हुई है।


 लोगों का लगा रहा जमावड़ा
घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और बिल्डर और प्राधिकरण की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते बेसमेंट को सुरक्षित किया गया होता। चेतावनी बोर्ड व बैरिकेड लगाए गए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था।

मदद के लिए 12 बजे भेजा संदेश, रात 3 बजे हुआ डिलीवर
नोएडा के सेक्टर-150 में करोड़ों के फ्लैट खरीदने के बाद भी वहां के निवासियों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। निवासियों का कहना है कि सेक्टर में नेटवर्क की बहुत समस्या है। ऐसे में कई बार फोन और मैसेज नहीं आ पाता है। निवासियों ने बताया कि युवराज के पिता ने सोसाइटी के ग्रुप पर 12 बजे युवराज के पानी में गिरने का मैसेज भेजा था, लेकिन नेटवर्क नहीं होने की वजह से मैसेज रात 3 बजे मिला, तब तक युवराज इस दुनिया से जा चुके थे। यदि नेटवर्क होता तो निवासियों को समय पर युवराज के पिता का मैसेज मिल जाता। इससे युवराज की जान बचाई जा सकती थी।

सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी निवासी युवराज की मौत के बाद आसपास की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। निवासियों का कहना है कि करोड़ों रुपये के फ्लैट खरीदने के बाद भी हमारी मांगें नहीं सुनी जा रही है। समस्याओं के संबंध में नोएडा प्राधिकरण, विधायक और जनसुवाई पोर्टल पर गुहार लगाकर थक चुके हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। निवासियों ने बताया कि सेक्टर में अंदर नाले खुले हैं। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट भी नहीं लगी हैं। शाम होते ही यहां पर अंधेरा हो जाता है।

खुले नाले में छह माह पहले गिरी थी बच्ची

  • नाले खुले होने की वजह से छह महीने पहले नाले में एक 6-7 साल की बच्ची गिर गई थी, लेकिन नाले आज तक बंद नहीं हुए। अमन निझावन, टाटा यूरेका पार्क
  • 6 सेक्टर के अंदर सफाई नहीं होती है क्योंकि सेक्टर के लिए सफाई का टेंडर ही नहीं हुआ। यहां पर प्रदूषित वातावरण रहता है। -रूपेंद्र, एटीएस होमक्रॉफ्ट पायस
  • सेक्टर के अंदर स्पीड ब्रेकर नहीं बने हैं और स्पीड ब्रेकर की मार्किंग भी नहीं है। इससे एक्सीडेंट होने का खतरा बना रहता है। -समीर सैनी, एल्डिको लाइव बाई द ग्रीन्स
  • सेक्टर के अंदर रात को पुलिस की पेट्रोलिंग नहीं होती है। रास्ते भी बहुत खराब हैं इससे दुर्घटना होने का खतरा हमेशा बना रहता है। उपेंद्र, समृद्धि लक्जीरिया एवेन्यू

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )