Report By : ICN Networkमुंबई/नांदेड़: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अहम मुद्दा बन चुकी लाडली बहना योजना के तहत महिलाओं को 2100 रुपये देने की मांग जोर पकड़ रही है। इस बीच, उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने इस योजना पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्होंने सीधे तौर पर 2100 रुपये देने का वादा नहीं किया है।
अजित पवार ने समझाया कि जैसे किसी व्यवसाय को संभालने के लिए महीने का बजट बनाना पड़ता है, वैसे ही राज्य की 13 करोड़ जनता के लिए पूरे साल की वित्तीय योजना बनानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार की आर्थिक स्थिति अनुकूल रही, तो वे अपनी लाडली बहनों को 2100 रुपये देने पर विचार करेंगे। यह बयान उन्होंने नायगांव नरसी में आयोजित पदभार ग्रहण समारोह के दौरान दिया।
उपमुख्यमंत्री अजित पवारएक दिवसीय दौरे पर नांदेड़ जिले पहुंचे थे। इस बीच नरसी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण समारोह और बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे, पूर्व मंत्री नवाब मलिक, विधायक विक्रम काले, विधायक प्रतापराव पाटिल चिखलीकर, विधायक राजू नवघरे आदि उपस्थित थे। इस अवसर पर पूर्व सांसद भास्करराव पाटिल खटगांवकर, पूर्व विधायक ओमप्रकाश पोकरणा, मीनल खटगांवकर, पूर्व उप महापौर सरजीतसिंह गिल सहित कई अन्य लोग राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए।
अजित पवार ने कहा कि वित्तीय अनुशासन लाने का प्रयास किया गया है। न कि राज्य के खजाने पर बोझ डालने का। राज्य देश में प्रथम श्रेणी का राज्य बना रहे। इसके लिए बजट में प्रावधान किए गए हैं। राज्य को पांच साल में कैसे चलाना है? इसकी योजना है। विपक्ष को लगता था कि लाडली बहना योजना बंद हो जाएगी। साथ ही इस कार्यक्रम से पहले कुछ महिलाओं ने मुलाकात की और मांग की कि दादा 1500 रुपये दें, लेकिन 2100 रुपये नहीं।
अजित पवार ने बताया कि मैं नहीं कह रहा हूं। लेकिन जब राज्य सरकार की स्थिति अधिक उपयुक्त होगी, तो मैं बहनों को 2100 रुपये दूंगा। मुझे जो योजना दी गई है, उसे मैं जारी रखना चाहता हूं। इसलिए हम इसमें एक नया विकल्प लेकर आ रहे हैं। हमने कुछ बैंक तैयार किए हैं। इसमें बहनों को 50,000 रुपये का लोन मिलेगा और इस योजना में शामिल महिलाएं एक साथ मिलकर व्यवसाय करेंगी। इसमें अगर लाडली बहना योजना की 20 महिलाएं बचत समूह की तरह एक साथ आती हैं, तो यह लगभग 10 लाख रुपये होगा। आप 10 लाख रुपये की पूंजी से व्यवसाय कर सकते हैं। साथ ही एक दृष्टिकोण लाया गया है कि 20 महिलाओं की प्रति माह 1500 रुपये की किस्तों का भुगतान किया जा सकता है और यह जानकारी सरकार को दी गई है।
अजित पवार ने बताया कि वह महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे और अन्य मंत्रियों के साथ गांवों का दौरा करेंगे और विभिन्न बैठकों के माध्यम से लोगों को इस योजना की पूरी जानकारी देंगे। उन्होंने कहा कि चंद्रपुर, गढ़चिरौली और रत्नागिरी में इन केंद्रों की मंजूरी दी जा चुकी है। इसके अलावा, नांदेड़ में भी एक नवाचार केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिससे मराठवाड़ा के युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।