प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक सेक्टर-21 व 25 से एयरफोर्स नेवल हाउसिंग बोर्ड ने 729 ऐसे फ्लैटों की सूची प्राधिकरण को उपलब्ध कराई है। बोर्ड बैठक के मिनट आने के बाद समिति का गठन कर पुरानी आवासीय समितियों से बगैर रजिस्ट्री वाले फ्लैटों की सूची मांगी जाएगी। अभी तक इन फ्लैटों की खरीद-बिक्री जीपीए या एग्रीमेंट के आधार पर हो रही है।
अहम है कि प्राधिकरण क्षेत्र में त्रिपक्षीय रजिस्ट्री होती है जिसमें एक पक्ष नोएडा प्राधिकरण भी रहता है। रजिस्ट्री होने पर सरकार को राजस्व मिलता है। वहीं नामांतरण पर करीब 10 प्रतिशत शुल्क प्राधिकरण को राजस्व के रूप में मिलता है। बड़ी संख्या में पुराने फ्लैट बिकते तो हैं लेकिन राजस्व प्राधिकरण या सरकार को नहीं मिल रहा है। वहीं दूसरी तरफ फ्लैट खरीदने वाले बैंक लोन भी नहीं करवा पाते हैं। मालिकाना हक को लेकर भी संकट बना रहता है। कारण जीपीए या एग्रीमेंट को कानूनी तौर पर सही नहीं ठहराया जा सकता है। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि इन सभी बिंदुओं को देखते हुए समिति अपनी रिपोर्ट देगी जिसमें समाधान के लिए विकल्प रहेगा। 10 वाणिज्यिक प्लॉट और 50 से ज्यादा दुकानों की योजना आएगी यूनिफाइड पॉलिसी में संशोधन के बाद वाणिज्यिक प्लॉट की योजना लाने का रास्ता साफ हो गया है। प्राधिकरण की तैयारी 10 वाणिज्यिक प्लॉट और 50 से ज्यादा दुकानों की योजना लाने की है। इसके पहले जून-2025 में आई वाणिज्यिक प्लॉट की योजना को प्राधिकरण रद्द कर चुका है। योजना में 20 हजार वर्गमीटर से छोटे 5 और इससे बड़े आकार के 5 भूखंड शामिल किए गए थे। तय समय समाप्त होने के बाद एक-एक सप्ताह के लिए दो बार आवेदन की तारीख बढ़ाई गई थी।

