सेक्टर-27 में मौजूद आवास तुड़वाकर उनकी जगह पर किफायती फ्लैट बनाने के लिए नोएडा प्राधिकरण के प्रस्ताव को शासन की मंजूरी नहीं मिली है। यह देखते हुए प्राधिकरण ने योजना में बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। फ्लैट बनाए जाने की प्रस्तावित जमीन की कीमत 500 करोड़ रुपये के करीब अनुमानित है। इसके बाद निर्माण लागत भी शामिल होगी। ऐसे में प्राधिकरण यहां पर कम कीमत में फ्लैट बनाकर बगैर शासन की मंजूरी के बनाकर आवंटित नहीं कर सकता है। आगे की तैयारी यह है कि प्राधिकरण कर्मचारियों-अधिकारियों के आवास व फ्लैट बनवाएगा। इस प्रस्ताव को जनवरी में होने वाली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
मौके पर अभी करीब 200 फ्लैट व आवास बने हुए हैं। इन फ्लैट को बने हुए 35 साल से अधिक का समय हो चुका है। ऐसे में यह जर्जर हो गए हैं। कुछ समय पहले प्राधिकरण ने योजना बनाई थी कि इनको तोड़कर खाली होने वाली करीब 17 हजार वर्ग मीटर जमीन पर 10 मंजिला टावर में 710 फ्लैट बनाए जाएंगे। 210 फ्लैट कर्मचारी आवास को आरक्षित किए जाएंगे। वहीं 500 का आवंटन कम आय वर्ग वाले परिवारों के लिए होना था। फ्लैट का तैयार हुआ नक्शा करीब 800 वर्ग फिट का था। 2 बेडरूम, 1 डाइंग कम डाइनिंग रूम, किचन व बाथरूम बनता। इन फ्लैट की कीमत 45 लाख रुपये के आसपास रहने का अनुमान था। निर्माण रिडेवलपमेंट पॉलिसी के तहत बिल्डर को फ्री में करना होगा। बदले में प्राधिकरण अतरिक्त एफएआर बिल्डर को देगा जिसमें वह अपने फ्लैट बनाकर बेच सकेगा और लागत निकालेगा। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ लोकेश एम ने बताया कि नई योजना का प्रस्ताव अगली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
सितंबर में चस्पा हुए थे नोटिस, लेकिन अभी खाली नहीं हुए जर्जर घोषित आवास-
सेक्टर-27 में बने अधिकारियों व कर्मचारियों के आवास आईआईटी की जांच में कमजोर साबित हो चुके हैं। यह देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने सितंबर में इन आवास पर नोटिस चस्पा कर खाली करने को कहा था। लेकिन किसी भी अधिकारी या कर्मचारी ने आवास खाली नहीं किया है। प्राधिकरण अधिकारियों का दावा है कि आवास जल्द खाली करवाए जाएंगे।